स्मृति दिवस पर याद किए गए कामरेड मानसिंह पाल
भाकपा(माले) कार्यालय कार रोड में आज 9 मार्च को हुए भाकपा माले के अग्रणी नेता रहे कामरेड मान सिंह पाल को ग्यारहवें स्मृति दिवस पर याद करते हुए जनसंघर्षों पर चलने का आह्वान किया गया। कॉमरेड मान सिंह पाल को एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, कामरेड मान सिंह पाल बिन्दुखत्ता में पार्टी व जनसंघर्षों का आधार रखने वाले नेताओं में से थे। भाकपा(माले) के मार्गदर्शन में कामरेड मान सिंह पाल व अन्य साथियों ने बिन्दुखत्ता में जमीन आबाद करने, राशन कार्ड बनाने, सड़क-स्कूल-अस्पताल स्थापित करने, दूध आंदोलन, सेंचुरी में रोजगार की मांगों पर चल रहे आंदोलनों में मुख्य भूमिका निभाई जिसमें कई लोगों को दमन-जेल-मुकदमे भी झेलने पड़े। आज भाजपा सरकार जिस तरह से बिंदुखत्ता राजस्व गांव के मुद्दे पर लगातार छल कर रही तब आंदोलन और प्रतिरोध की बिंदुखत्ता की परम्परा को पुनर्स्थापित करने की जरूरत है. पहले भी बिंदुखत्ता जन प्रतिरोध के बल पर टिका रहा, जन संघर्ष के बूते ही बिंदुखत्ता राजस्व गांव भी बनेगा.
वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि, मान सिंह पाल में जनता और पार्टी के बीच बेहतर तालमेल रखते हुए आंदोलन और पार्टी को आगे बढ़ाने की क्षमता थी। वे बहुत विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में भी पार्टी के रास्ते पर चलते थे। आज जब मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने देश की संप्रभुता को गिरवी रख दिया है और देश में अम्बानी-अडानी की कॉर्पोरेट नीतियों ने देश को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। ऐसे में इस सरकार के खिलाफ जनसंघर्ष ही एकमात्र विकल्प है।
विमला रौथाण ने कहा कि, मान सिंह पाल अपने व्यक्तिगत जीवन से ज्यादा सामाजिक जीवन जीना पसंद करते थे। 19 वर्ष की उम्र में ही गरीबों को जमीन दिलाने और बसाने के लिए उन्होंने बिन्दुखत्ता में जमीन दखल आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई। अपनी बीमारी और जिंदगी में अंतिम अवस्था के बावजूद वे नगरपालिका के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी वे सक्रिय रहे. बिंदुखत्ता आंदोलन में सक्रिय योगदान देते हुए 9 मार्च 2015 में वे हमारे बीच नहीं रहे।
कार्यक्रम में डॉ कैलाश पाण्डेय, बहादुर सिंह जंगी, विमला रौथाण, किशन बघरी, भुवन जोशी, पुष्कर दुबड़िया, चंदन राम, नैन सिंह कोरंगा, निर्मला शाही, धीरज कुमार, आकाश भारती, मदन धामी, प्रभात पाल, त्रिलोक राम, अंबा दत्त बसखेती, ललित जोशी, किशन सिंह जग्गी, आनंद दानू, दुर्गा, सुधा, कमल जोशी सहित कई लोगों ने अपने प्रिय कामरेड को श्रद्धांजलि देने में शामिल रहे.
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