भाकपा (माले)का भाजपा सरकार पर हमला

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हल्द्वानी/21 फरवरी
प्रेस वार्ता हेतु हैंडआउट

भाकपा माले राज्य सचिव कामरेड इंद्रेश मैखुरी की प्रेस कांफ्रेंस हल्द्वानी के एक निजी रेस्टोरेंट में हुई. जिसमें उनके द्वारा उत्तराखंड और देश के मसलों पर रखी गई बातों के मुख्य बिंदु:

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय का संघर्ष अभी भी लंबा है. राज्य सरकार द्वारा एक असंबद्ध शिकायतकर्ता की शिकायत पर सीबीआई जांच की संस्तुति करना और अंकिता के माता-पिता को इस पूरी प्रक्रिया से बाहर रखना दर्शाता है कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार अभी भी इस मामले में वीआईपी बताए जा रहे लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. सीबीआई जांच का आधार अंकिता भंडारी के माता-पिता का मुख्यमंत्री को दिया पत्र होना चाहिए और सीबीआई जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए.

उत्तराखंड में लगातार सांप्रदायिक उन्माद भड़काने की कोशिश की जा रही है. अल्पसंख्यकों के विरुद्ध अपराध करने वालों को सत्ता संरक्षण हासिल है. स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री आये दिन ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं, जो अल्पसंख्यकों के प्रति उनके द्वेष को प्रकट करती है. अमेरिकी थिंक टैंक- सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ़ ऑर्गेनाइज्ड हेट- ने अपनी रिपोर्ट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को वर्ष 2025 में सर्वाधिक नफरत भरे भाषण देने वाला व्यक्ति करार दिया है. एक शांत और सौहार्द पूर्ण राज्य, जिसके नायक पेशावर विद्रोह की अगुवाई करने वाले कॉमरेड चंद्र सिंह गढ़वाली जैसे लोग रहे हों, उसे सत्ता के लाभ के लिए सांप्रदायिक नफरत की प्रयोगशाला में तब्दील करने की कोशिश निंदनीय है. कोटद्वार के दीपक कुमार जैसे युवाओं का खुल कर सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ़ खड़े होने समाज के लिए उम्मीद की किरण है.

उत्तराखंड में आये दिन होने वाली अपराध की घटनाएं बता रही हैं कि कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है. जिस तरह पिछले दिनों देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी समेत प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हत्याकांड हुए, वो राज्य के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है. योजना बना कर किये जाने वाले अपराधों की भनक पुलिस को न लगना दर्शाता है कि राज्य में इंटेलिजेंस का तंत्र प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रहा है. अपराध पर लगाम लगाने के ठोस उपाय करने की जरूरत है और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध अपराध करने वालों को राजनीतिक संरक्षण बंद किया जाना चाहिए.

बिंदुखत्ता जैसे तमाम इलाकों में लोग जमीन के मालिकाना अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन बिन्दुखत्ता में राजस्व गांव के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा, लोगों को आये दिन नए झुनझुने थमा रही है. बिंदुखत्ता, बागजाला, पुछड़ी, ऋषिकेश के बापू ग्राम जैसे तमाम इलाके के लोगों को भूमि का मालिकाना अधिकार दिया जाना चाहिए. गरीब-भूमिहीनों को बुलडोजर से उजाड़ना बंद किया जाना चाहिए. बिना समुचित वैकल्पिक इंतजाम के किसी को भी विस्थापित नहीं किया जाना चाहिए.

उत्तराखंड में उच्च पदों पर नियुक्ति में भ्रष्टाचार चरम पर है. बीते दिनों ही उच्च न्यायालय ने पिटकुल के प्रबंध निदेशक पद पर प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति को नियम विरुद्ध करार देते हुए, उन्हें पद से हटाने का आदेश पारित कर दिया. पिटकुल हो, यूपीसीएल हो, भाजपा सरकार लगातार विवादास्पद, भ्रष्टाचार के आरोपी और अयोग्य अफसरों की तैनाती करती रही है. पुष्कर सिंह धामी जी की सरकार को बताना चाहिए कि उन्हें विवादास्पद, भ्रष्टाचार के आरोपी और अयोग्य अफसर ही क्यों पसंद हैं ?

भाजपा के लैंसडाउन से विधायक महंत दिलीप रावत का यह बयान निंदनीय है कि भराड़ीसैण में ऑक्सीजन की कमी होती है और ठंड लगती है. उत्तराखंड आन्दोलन के समय से ही गैरसैण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने की मांग उत्तराखंड की जनता की रही है. इस मांग के साथ छल करने का यह एक और पैंतरा है.

अमेरिका के साथ ट्रेड डील के मामले में मोदी सरकार ने पूरी तरह आत्मसमपर्ण कर दिया है. भारत पर भारी टैरिफ, अमेरिका के निर्देश पर पैट्रोल खरीदना दर्शाता है, देश की संप्रभुता के साथ समझौता किया गया. भारतीय किसानों के लिए यह समझौता तबाही का परवाना है.

उच्च शिक्षण संस्थानों में समता स्थापित करने के लिए लाए जा रहे यूजीसी विनियम (रेगुलेशन) जरुरी हैं. स्वयं केंद्र सरकार की रिपोर्ट है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव में 118 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. उच्च शिक्षण संस्थान हर तरह के भेदभाव और उत्पीड़न से मुक्त हों, यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है. इनका विरोध करने वाली ताकतें समाज में भेदभाव और गैरबराबरी को कायम रखना चाहती हैं. जो धर्म के आधार पर देश बनाने का नारा लगाते हैं, वही जातीय वर्चस्व और भेदभाव भी कायम रखना चाहते हैं.

प्रेस वार्ता में भाकपा (माले) राज्य सचिव इन्द्रेश मैखुरी के अतिरिक्त भाकपा (माले) नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पांडेय, राज्य कमेटी सदस्य के.के. बोरा, आकाश भारती मौजूद रहे.

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डॉ कैलाश पाण्डेय
जिला सचिव
भाकपा माले नैनीताल

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