लालकुआं में शिव सती संवाद प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु,
दिव्य ज्योति जागृती संस्थान के तत्वाधान में यहां लाल कुआं के अंबेडकर पार्क में चल रही पांच दिवसीय शिव कथा के दूसरे दिन आज सुविख्यात कथा वाचिका सोमा भारती जी ने शिव सती संवाद का बहुत ही सुंदर वर्णन किया सोमा भारती ने कहा कि प्रभु श्री राम जो साक्षात भगवान हैं वह नर रूप में धर्म की स्थापना के लिए अवतरित हुए लेकिन माता सती उन पर संदेह कर बैठी और भगवान शिव के लाख मना करने पर भी उन्होंने भगवान राम की परीक्षा ली लेकिन उन्हें परीक्षा लेने के बाद पश्चाताप करना पड़ा कथा वाचिका शोभा भारती ने दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ एवं उसमें भगवान शिव को न बुलाने का भी सुंदर वर्णन सुनाया तथा माता सती द्वारा यज्ञ में जाने का भी उल्लेख किया किस प्रकार से माता सती ने योग अग्नि में अपने आप को भस्म कर लिया और किस प्रकार से भगवान शिव के गणों ने दक्ष का यज्ञ विध्वंस किया यह वर्णन भी उनकी कथा का प्रमुख सार रहा उन्होंने इस कथा के माध्यम से यह भी अवगत कराया कि शिव कल्याण के देवता हैं अतः जहां शिव का नाम नहीं लिया जाएगा वहां फिर कल्याण संभव है ही नहीं वहां सिर्फ अमंगल ही अमंगल होता है सोमा भारती ने कहा कि परमपिता परमात्मा की वह दिव्य ज्योति जिससे संपूर्ण चराचर जगत प्रकाश मान है वह परम ज्योति हर किसी के अंदर व्याप्त है लेकिन उसे ज्ञान चक्षुओं के द्वारा तत्वदर्शी महापुरुषों के सानिध्य से ही समझा जा सकता है सुविख्यात कथा वाचिका सोमा भारती द्वारा अपने ओजस्वी एवं मधुर वाणी से सुनाई जा रही कथा हर किसी को भाव विभोर कर रही है और बड़ी संख्या में लोग पूरी तन्मयता के साथ शिव कथा का श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बना रहे हैं यहां मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह बिष्ट पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष पवन चौहान डॉ राजकुमार सेतिया दीवान सिंह बिष्ट नारायण सिंह बिष्ट प्रेमनाथ पंडित विनोद शर्मा सरदार हरबंस सिंह पीयूष मिश्रा जगदीश चंद्र अग्रवाल रामकिशोर अग्रवाल सुभाष नागर श्रीमती किरन सेतिया तारा पांडे समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे
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