दिव्यांगों को मिलेंगे बैटरी चालित कृत्रिम हाथ

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मानव स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण के स्वास्थ्य को भी संवारेगा निशक्त जन सेवा संस्थान।
दिव्यांगों को बैटरी चालित कृत्रिम हाथ निःशुल्क लगाए जाएंगे। जरूरतमंद पंजीकरण कराएं।
संस्था अध्यक्ष अमृत लाल ने किया मुख्य अतिथि डॉ आशुतोष पन्त का स्वागत।

पीलीभीत। मानवता की सेवा में समर्पित ‘निशक्त जन सेवा संस्थान’ द्वारा शहर के अंकुर राइस मिल में मासिक कैंप (हर महीने की 12 तारीख) का सफल आयोजन किया गया। कैंप में न केवल भारी संख्या में जरूरतमंदों की मदद की गई, बल्कि आगामी होली के त्यौहार को देखते हुए खुशियां भी बांटी गईं।
​प्रमुख सेवाएं और वितरण
​कैंप के दौरान विभिन्न शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाई गई:
​नेत्र चिकित्सा: कुल 265 मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 240 को चश्मे व दवाइयां दी गईं। मोतियाबिंद से ग्रसित 22 मरीजों को ऑपरेशन हेतु रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज, बरेली भेजा गया।
​श्रवण सहायता: सुनने में असमर्थ लोगों को कान की मशीनें प्रदान की गईं। मशीन की मदद से पहली बार आवाज सुनकर मरीजों के चेहरे खुशी से दमक उठे।
​उपहार वितरण: होली से पूर्व विधवा महिलाओं को नई साड़ियां वितरित की गईं।
​कृत्रिम हाथ और भविष्य की योजना
​संस्थान के अध्यक्ष अमृत लाल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि:
​”जिन व्यक्तियों के हाथ कोहनी और पंजे के बीच से कटे हुए हैं, उनके लिए बैटरी चलित ऑटोमेटिक विदेशी हाथ मंगवाए जा रहे हैं। आज ऐसे 15 मरीजों का पंजीकरण हुआ। जैसे ही 100 पंजीकरण पूरे होंगे, एक विशाल कैंप लगाकर ये हाथ पूरी तरह निःशुल्क लगाए जाएंगे।”
​विशेषज्ञ जांच एवं अतिथि
​कैंप में अन्य स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की गईं:
​हृदय रोग: 13 मरीजों की जांच कर दवाइयां दी गईं।
​दंत चिकित्सा: 15 मरीजों का परीक्षण कर उपचार किया गया।
आज 40 कान की मशीने और 100 सड़ियां विधवा महिलाओं को बाँटी गयीं।

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​मुख्य अतिथि: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और आयुर्वेदाचार्य आशुतोष पंत ने इस अवसर पर शिरकत की। उन्होंने पीलीभीत के ग्रामीण क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने के लिए निःशुल्क पौधे वितरित करने का संकल्प लिया।
​इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
​कार्यक्रम को सफल बनाने में अनिल कमल, राजेंद्र वर्मा, चिरंजीव गौड़, असलम, मोहम्मद कामिल खां, डॉ. प्रेम सागर शर्मा, अनिल गुप्ता, कविता वंशवाल और अभिनय गुप्ता सहित अन्य सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
उत्तराखंड में रहने वाले कोई ऐसे दिव्यांग जिनका हाथ कोहनी के नीचे से कटा हुआ है वह बैटरी चालित ऑटोमैटिक हाथ निःशुल्क लगवाने के लिये डॉ आशुतोष पन्त से मोबाइल नंबर 8077503623 पर संपर्क करके पंजीकरण करा सकते हैं।