हल्द्वानी में शिव कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा एम. बी. इंटर कॉलेज ग्राउंड, कैनाल रोड, हल्द्वानी में 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक आयोजित सात-दिवसीय भगवान शिव कथा के चतुर्थ दिवस माता पार्वती के जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कथा का वाचन करते हुए डॉ. सर्वेश्वर जी ने बताया कि महाराज हिमवान व महारानी मैना ने आदिशक्ति जगदंबिका की 27 वर्षों तक आराधना कर उन्हें पुत्री स्वरूप में पाने का वरदान माँगा। उसी वर के फलस्वरुप माँ भवानी, पार्वती के रूप में महाराज हिमवान के घर कन्या बन जन्म लेकर आई। स्वामी जी ने बताया कि यह भारतीय संस्कृति का कितना अद्भुत पक्ष है, जहाँ पुत्री के जन्म के लिए 27-27 वर्षों तक की लम्बी व घोर तपस्याएँ की जाती थीं। लेकिन एक आज का भारत है जहाँ नारी की दशा इतनी शोचनीय व दयनीय है कि बेटी के जन्म लेते ही माता-पिता के माथे पर चिंता की रेखाएँ खिंच जाती हैं। आज हर दिन नारी शोषण, बलात्कार, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न की घटनाओं से समाचार पत्र अटे रहते हैं। चाहे वो दिल्ली का ‘निर्भया कांड’ हो या ‘कोलकता रेप कांड’, ये सब दर्शाते हैं कि आज का समाज कितना गिर गया है जो नारी को केवल मात्र भोग की वस्तु मानता है। और इससे भी अधिक शोचनीय तो यह है कि आज की नारी भी स्वयं की गरिमापूर्ण शक्ति को भूल चुकी है। आज उसे यह समझना ही होगा कि वह अबला नहीं, सबला है। इसके लिए ज़रूरत है नारी को आत्मदर्शन प्राप्त कर अपने भीतर की सुप्त शक्ति को जाग्रत करने की। बाहरी सौन्दर्य-प्रदर्शन तो छिछला है, नारी का वास्तविक सौन्दर्य तो उसकी आत्मा में समाया है। ब्रह्मज्ञान से जब उसके भीतर आत्मा का दिव्य ओज पैदा होगा तो उसकी तेजस्विता के सामने सम्पूर्ण विश्व नत हो जाएगा। हर वासनापूर्ण दृष्टि दग्ध हो स्वाहा हो जाएगी और जगत उसकी पवित्रता को नमन करेगा। स्वामी जी ने बताया कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आज ‘संतुलन’ प्रकल्प के अंतर्गत समाज में नारी को आत्मदर्शन की ब्रह्मविद्या प्रदान कर पुनः महिमामंडित पद पर आसीन करने के लिए कटिबद्ध है।

नीरज शारदा CA,शशि भूषण अग्रवाल,सीमा अग्रवाल,जितेंद्र साहनी,राहुल सभरवाल,हेमंत द्विवेदी अध्यक्ष BKTC,आनंद दरम्वाल,राजेश अग्रवाल,देवीलाल चौधरी,राहुल गुप्ता,ओमप्रकाश जी,पीयूष सिन्हा जी,राजेंद्र तुलस्यान जी
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