रेलवे ने महिला कर्मचारियों के लिए किया स्वास्थ्य कैंप का आयोजन
बरेली 7 मार्च, 2026ः पूर्वोत्तर रेलवे मण्डल चिकित्सालय इज्जतनगर के तत्वावधान में मंडल रेल प्रबन्धक, इज्जतनगर सुश्री वीणा सिन्हा के कुशल निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.यू.एस. नाग के मार्गदर्शन में रोड न0 2 अधिकारी क्लब, इज्जतनगर में ‘‘विश्व महिला दिवस‘‘ के अवसर पर महिला कर्मचारियों हेतु स्वास्थ्य कैम्प तथा स्वास्थ्य संबंधी व्याख्यान का आयोजन किया गया।
समारोह में उपस्थित महिला रेल कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबधंक सुश्री वीणा सिन्हा ने देश में बदलते परिवेश में महिलाओं के योगदान पर विस्तृत व्याख्यान देते हुए कहा कि महिलाओं को बदले सामाजिक परिवेश में काफी अधिकार प्राप्त हो चुके हैं। शेष अधिकारों को हासिल करने के लिए उन्हें सदैव संघर्षरत रहना चाहिए। उन्होंने महिला रेल कर्मचारियों का उत्साहवर्द्धन करते हुए कहा कि रेलवे में महिलायें सभी प्रकार के कत्र्तव्यों का निर्वहन पूरी कर्मठता से कर रहीं हैं तथा खेल, कूद एवं मानव सेवा के क्षेत्र में भी महिलायें अग्रणी भूमिका निभा रहीं है। आगे उन्होंने कहा कि हम सभी महिलाओं को काम के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग एवं सचेत रहें। समय-समय पर अपना जाँच एवं इलाज कराते रहना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. यू. एस. नाग ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में २ाक्ति स्वरुपा महिलायें भी पुरुषों से कम नही है। आज महिलायें भी लोको पायलट के रुप में गाड़ियाँ चला रहीं हैं। साथ ही कुछ महिलायें ट्रैकमैंटेनर, स्टेशन मास्टर, नियंत्रक, टिकट जाँच व वितरण, रेलवे सुरक्षा बल, प्रशासनिक आदि महत्वपूर्ण पदों पर असीन होकर पुरुष रेल कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संरक्षित, सुरक्षित, समयबद्ध एवं आरामदेह रेल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में किसी से पीछे नहीं हैं। महिलाओं को काम के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहने की आवश्यकता है।

डाॅ. विदुषी ने अपने व्याख्यान में उपस्थित महिला रेल कर्मचरियों को माहवारी के बारें में विस्तृत रुप से चर्चा करते हुए बताया कि माहवारी एक प्राकृतिक हार्मोनल प्रक्रिया है, जिसमें हर महीने महिलाओं के गर्भाशय की परत टूटकर रक्त के माध्यम से बाहर निकलती है। माहवारी के समय का गैप कभी-कभी ज्यादा हो सकती है। २ाुरुआत में बच्ची को डर या २ार्म आती है, तो घर के सदस्यों एवं स्कूल के शिक्षक को इसके बारें में उसे बताना चाहिए। माहवारी के समय क्या नही करना चाहिए तथा सार्वजनिक कार्यों २ाामिल होने से उन्हें नही रोकना चाहिए। उन्हें अपना सेनेटरी पैड का सही से इस्तेमाल करना चाहिए एवं उस पैड को उचित स्थान पर ही फेंकना चाहिए। आगे उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव एवं इलाज के बारें ज्ञानवर्द्धक जानकारी दी।
एस.आर.एम.एस. बरेली के गायनी कैंसर एवं एण्डोस्कोपी सर्जन, डाॅ. मनोज कुमार टांगरी ने अपने व्याख्यान में महिलओं को संबोधित करते हुए कहा कि जहाँ नारी की पूजा होती है, वहाँ साक्षात लक्ष्मी का वास होता है। स्वस्थ नारी से स्वस्थ परिवार का निर्माण होता है, तथा स्वस्थ परिवार से स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने सभी प्रकार के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के बहुत ही सटीक एवं कारगर उपाय बतायें। आगे उन्होंने कहा कि कैंसर से छुटकारा पाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिबद्ध है तथा समय रहते अगर बीमारी की पहचान कर ली जाती है तो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक मनोज कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. मनोहर कुमार, शाखा अधिकारी एवं अन्य समस्त चिकित्सक, पैरामेडीकल स्टाफ तथा रेल कर्मी एवं उनके परिजन भारी संख्या में उपस्थित थे। इस स्वास्थ्य शिविर में महिला रेल कर्मी एवं उनके परिजनों ने अपना जांच एवं इलाज करा कर लाभान्वित हुए।
(संजीव शर्मा)
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक,
इज्जतनगर।
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