लंगूर के हमले से घायल महिला की मौत
बेरीनाग में लंगूर के हमले में घायल हुई वृद्धा की मौत
पिछले 12दिनों से जिंदगी मौत से लड़ रही थी जंग
वन विभाग के खिलाफ आक्रोश
फोटो – लीला देवी फाइल फोटो
बेरीनाग । बेरीनाग नगरपालिका के सागंड निवासी लीला देवी उम्र 60 वर्ष पत्नी दीवान सिंह को 21 मार्च को घर के बाहर आगन में लंगूर के हमला कर दिया जिससे भागने के दौरान लीला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जहाँ पर परिजन 108के माध्यम से हल्द्वानी लेकर गये। जहाँ पर महिला की हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। पिछले 12दिनों से बरेली के प्राईवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था जहां पर वृद्धा जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। गुरूवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। इधर वृद्धा की मौत पर से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। पूर्व ग्राम प्रधान विक्रम सिंह धानिक और पूर्व सभासद बलवंत धानिक ने बताया की वन विभाग के कार्यालय से मात्र 200मीटर की दूरी पर वृद्धा का घर है और इस क्षेत्र में लम्बे समय से लंगूरों और बंदरों का आंतक बना हुआ है पूर्व में गांव में कई बच्चों और महिलाओ को घायल कर दिया है उसके बाद भी वन विभाग और नगरपालिका के द्वारा लंगूरों और बंदरों नहीं पकड़ा जा रहा है उन्होने मृतक महिला के परिजनों को 10लाख मुआवजा देने की मांग की है। मृतक वृद्धा एक बेरोजगार पुत्र है परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। वृद्ध महिला की मौत पर दर्जा राज्य मंत्री नारायण राम आर्या, विधायक फकीर राम, पूर्व विधायक मीना गंगोला, नगरपालिका अध्यक्ष हेमा पंत, ब्लाक प्रमुख संगीता चन्याल, ज्येष्ठ प्रमुख धीरज बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत,सभासद राधिका देवी, पूर्व प्रधान दीपक धानिक, पूर्व सभासद बलवंत धानिक सहित आदि ने शोक जताया है।
नगरपालिका के द्वारा बंदरों को पकडने का टेंडर निकालने के बाद निरस्त
बेरीनाग। नगरपालिका बेरीनाग के द्वारा जनवरी माह में बंदरों लंगूरों को पकडने के टेंडर जारी किया गया था लेकिन कुछ समय के बाद नगरपालिका के द्वारा टेंडर निरस्त कर दिया गया था। जो चर्चा का विषय बना रहा। यदि समय रहते हुए लंगूरों और बंदरों को पकडा गया होता तो घायल वृद्ध महिला की मौत नहीं होती
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