4 साल बेमिसाल गंगोत्री यमुनोत्री धाम में 56 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चार साल बेमिसाल: विकास और सुशासन की दिशा में उत्तराखंड की बड़ी छलांग
गंगोत्री-यमुनोत्री में 56 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तरकाशी।
प्रदेश सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम जिला मुख्यालय में उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया, जहां सरकार की उपलब्धियों और जनपद में हुए विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक दलों और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर माहौल को जीवंत बना दिया। साथ ही सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित सरकार की चार वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित विकास पुस्तिका का विमोचन किया गया। विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉलों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई, जिससे लोगों में योजनाओं को लेकर जागरूकता भी बढ़ी।
मुख्य अतिथि विधायक सुरेश चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने चार वर्षों में उत्तरकाशी को विकास की नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक बस अड्डे का निर्माण कराया गया है। क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं के विस्तार के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दयारा बुग्याल, गिडारा बुग्याल और हरुनता जैसे ट्रेकिंग रूटों का विकास किया जा रहा है। नचिकेता ताल के सौंदर्यीकरण और ट्रेक रूट पर भी करीब साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने धराली आपदा के दौरान सरकार द्वारा त्वरित राहत और पुनर्वास कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बताया। साथ ही युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कीवी उत्पादन, मत्स्य पालन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान और भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान ने भी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने बताया कि चार वर्षों में जनपद में ₹4,286 करोड़ से अधिक की लागत से विकास कार्य संपादित किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जिला योजना के अंतर्गत ₹274 करोड़, राज्य सेक्टर में ₹927 करोड़ और केंद्र पोषित योजनाओं में ₹1,623 करोड़ खर्च किए गए। इसके अलावा पेयजल पर ₹333 करोड़, सड़क निर्माण पर ₹488 करोड़, सिंचाई पर ₹179 करोड़, शिक्षा पर ₹183 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं पर ₹98 लाख और समाज कल्याण योजनाओं पर ₹278 करोड़ की धनराशि व्यय की गई। उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 14 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में 208 स्वास्थ्य मेले आयोजित किए। साथ ही 100 अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया। मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत 61 में से 31 कार्यों का लोकार्पण किया जा चुका है। हालिया आपदा के बाद ₹18 करोड़ की राहत राशि वितरित की गई है और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ₹100 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संगठनों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। इसके साथ ही पशुपालन और कृषि विभाग द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों और उत्कृष्ट काश्तकारों को भी प्रोत्साहित किया गया।
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने कहा कि सरकार के चार वर्ष सेवा, सुशासन और विकास को समर्पित रहे हैं। जनपद में आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जा रहा है और आगामी योजनाओं को भी जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार, सुरेश सेमवाल, चंदन सिंह पंवार, कुशाल नेगी, बालशेखर नौटियाल, मुक्ता मिश्र, शालिनी नेगी, अजय सिंह, रमेशचंद्र आर्य, शैली डबराल, प्रताप मटूड़ा, सुधीर जोशी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।