अद्वितीय सौंदर्य से आच्छादित बोगनवेलिया, सुंदर फूलों से लकदक हर किसी को करता है आकर्षित
अनेक प्रकार के रंगों वाला तथा अपनी सुंदरता के लिए विख्यात बोगनवेलिया अपनी खूबसूरत आभा को बिखेर रहा है इसे देखकर अपलक निहारने का मन होता है और इसके समीप बैठकर गजब का आनंद प्राप्त होता है अपनी बेजोड़ सुंदरता के लिए विख्यात इस खूबसूरत पौधे के संदर्भ में पर्यावरणविद् एवं पूर्व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉक्टर आशुतोष पंत बताते हैं कि
वानस्पतिक विज्ञान में इसका नाम बोगनवेलिया ग्लैब्रा है। यह निकटेजिननेसी कुल का पौधा है। सामान्यतः 9/10 फीट ऊंचा होता है पर कभी कभी 30 फीट तक ऊंचा पहुंच जाता है। वे बताते हैं कि अल्मोड़ा बाजार में इसकी एक बहुत ही सुंदर रंग वाली बेल देवदार के पेड़ पर चढ़ी हुई थी। यह अल्मोड़ा शहर को एक खास पहचान देती थी बहुत ही आकर्षक लगती थी। पर्यटक बरबस ही यहां रुककर फोटो खिंचाया करते थे। पुराने लोग बताते हैं कि इस पेड़ और बेल का साथ 70/80 साल का था। दुर्भाग्य से 2/3 साल पहले यह पेड़ आंधी में गिर गया और बेल ने भी इसके साथ खत्म होकर एक अमर प्रेम कथा जैसा उदाहरण प्रस्तुत किया।
बोगनवेलिया की बेल को अलग अलग आकार दिए जा सकते हैं । यह गमले में भी हो जाती है तो घरों, फैक्ट्रियों की चारदीवारी में भी फैलाई जा सकती है। इसे पानी की आवश्यकता कम होती है। यदि ठीक से देखभाल की जाय तो इसकी आयु बहुत लंबी होती है। यह साल भर में 3 बार फूलों से भरी रहती है।
बोगनवेलिया को ज्यादातर सुंदरता के लिए लगाया जाता है इसमें कोई अधिक औषधीय गुण नहीं हैं पर इसके पत्तों का लेप गर्म करके लगाने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। इधर बोगनवेलिया का यह खूबसूरत फूल हल्दूचौड़ आईटीबीपी मार्ग पर बाउंड्री वॉल पर देखा जा सकता है बाउंड्री वॉल पूरी तरह से इस खूबसूरत फूल से लकदक है जो हर आते जाते का मन मोह लेता है