मिड डे मील की खराब गुणवत्ता पर नाराज हुए सीडीओ नैनीताल
सीडीओ नैनीताल ने जीजीआईसी हल्द्वानी का किया औचक निरीक्षण: मिड-डे मील की खराब क्वालिटी और बदहाल व्यवस्थाओं पर जताई कड़ी नाराजगी
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नैनीताल, श्री अरविंद कुमार पांडे ने आज पीएम श्री राजकीय कन्या इंटर कॉलेज (GGIC) हल्द्वानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी (DESO) और मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) नैनीताल भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में कई गंभीर अनियमितताएं और व्यवस्थाओं की पोल खुली, जिस पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए।
1. मिड-डे मील में खराब गुणवत्ता का चावल
निरीक्षण की शुरुआत में सीडीओ ने बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे मील के खाने की गुणवत्ता (Quality) की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि खाने में इस्तेमाल होने वाले चावल की क्वालिटी बेहद खराब थी। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीडीओ नैनीताल ने डीएसओ को तत्काल प्रभाव से उच्च गुणवत्ता का चावल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
2. लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं और डेढ़ करोड़ के कार्य में लापरवाही
कॉलेज की लाइब्रेरी के निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली स्थिति सामने आई:
कमरे की अदला-बदली: जिस स्थान पर लाइब्रेरी स्थापित होनी चाहिए थी, वहाँ कॉलेज का प्रशासनिक भवन और प्रिंसिपल का ऑफिस चल रहा था, जबकि प्रिंसिपल का वास्तविक ऑफिस कक्षाओं के बीच संचालित हो रहा था।
बेडहाल स्थिति: लाइब्रेरी में किताबें बाहर कूड़े की तरह फैली हुई थीं।
फर्नीचर का अभाव: पूछताछ में सामने आया कि खनन न्यास कोष (DMF) से डेढ़ करोड़ की लागत से लाइब्रेरी का कार्य कराया गया है, लेकिन लाइब्रेरी के लिए कोई फर्नीचर उपलब्ध नहीं था। जो फर्नीचर आया भी था, उसे केवल स्टाफ रूम में लगा दिया गया था।
चार्ज का विवाद: लाइब्रेरियन श्रीमती पूर्णिमा आर्या ने बताया कि उन्हें यहां तैनात हुए दो महीने हो चुके हैं, लेकिन पूर्व में तैनात रहीं संगीता (वर्तमान में GIC बनभूलपुरा में तैनात) ने उन्हें अब तक चार्ज नहीं सौंपा है। सीडीओ ने फोन पर संगीता से बात कर आज ही चार्ज हैंडओवर करने के सख्त निर्देश दिए।
सीडीओ ने सीएसआर (CSR) फंड के जरिए जल्द फर्नीचर की व्यवस्था करने और मुख्य शिक्षा अधिकारी को लाइब्रेरी को सुनियोजित ढंग से संचालित करने का आदेश दिया।
3. खेल के मैदान की बदहाली और बच्चों की प्रेरणा
कॉलेज के खेल मैदान में बड़ी-बड़ी घास और गड्ढे पाए गए। सीडीओ ने स्पोर्ट्स टीचर को मैदान की घास कटवाने और गड्ढों को तुरंत भरवाने के आदेश दिए ताकि बच्चे खेल गतिविधियों में हिस्सा लेकर स्टेट और नेशनल स्तर पर प्रतिभाग कर सकें।
भावुक क्षण: निरीक्षण के दौरान जब सीडीओ ने एक छात्रा से उसकी रुचि के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि वह हॉकी खेलना चाहती है, लेकिन उसके पास न तो खेलने की जगह है और न ही हॉकी स्टिक, और उसके पिता भी नहीं हैं। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सीडीओ ने जिला क्रीड़ा अधिकारी को बच्ची का एनरोलमेंट करने के निर्देश दिए और अपनी ओर से उसे हॉकी किट उपलब्ध कराने की घोषणा की।
4. आईटी लैब में बिना बिजली के चल रहे थे कंप्यूटर
सीडीओ ने आईटी क्लास का भी निरीक्षण किया, जहाँ आउटसोर्स के माध्यम से मीनाक्षी बुदलाकोटी की तैनाती है। कंप्यूटर चेक करने पर वे बंद मिले। शिक्षिका ने बताया कि लैब में अभी तक कोई बिजली का कनेक्शन ही नहीं दिया गया है।
इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने इसे “घोर लापरवाही और बच्चों की शिक्षा के साथ भद्दा मजाक” करार दिया और प्रिंसिपल को तीन दिन के भीतर बिजली कनेक्शन चालू करने के सख्त निर्देश दिए।
अधिकारियों को 25 नवंबर तक की डेडलाइन
निरीक्षण के अंत में सीडीओ ने विद्यार्थियों से शिक्षा और उनके भविष्य को लेकर संवाद किया तथा उन्हें सफलता के टिप्स दिए। साथ ही, मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं इन सभी कमियों पर नजर रखें और 25 नवंबर तक इनका शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करें।

