पर्यावरण विद डॉक्टर आशुतोष पंत हुए उत्तराखंड गौरव से सम्मानित
स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की स्मृति में उत्तराखंड गौरव सम्मान कार्यक्रम हुआ।
राज्य आंदोलनकारी परिषद की ओर से 22 फरवरी को नगर निगम सभागार, रुद्रपुर में। उत्तराखंड गौरव सम्मान आयोजित किया गया वक्ताओं ने पहाड़ से हो रहे पलायन पर चिंता जताई। पर्यावरण विद् पूर्व जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष पंत ने सुझाव रखे कि पलायन को रोकना है तो हिमाचल मॉडल को अपनाकर बागवानी पर फोकस करना जरूरी है। उत्तराखंड के पहाड़ों में सुअर, बंदरों आदि जानवरों का इतना आतंक है कि लोगों ने खेती करना ही छोड़ दिया है। थोड़े बहुत उत्पाद होते भी हैं तो विपणन की अच्छी व्यवस्था ना होने से उनका लाभ भी किसानों को नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि हर गाँव में प्रशिक्षण देकर फल और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाई जानी चाहिए़। युवा छोटी छोटी इकाइयां लगाकर स्वरोजगार करेंगे तो शहरों की तरफ नहीं भागेंगे।
जब तक पहाड़ में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की अच्छी व्यवस्था नहीं होगी पलायन पर भाषण देना बेकार है। पहाड़ से चुनाव लड़कर बने जनप्रतिनिधि , ब्लॉक प्रमुख, विधायक खुद हल्द्वानी, रुद्रपुर, देहरादून जैसे शहरों में रहते हैं। दूसरों को नसीहत देने से पहले खुद वहां रहें तो कुछ बदलाव आ सकता है।
कार्यक्रम में समाजसेवियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान दिया गया। अंगदान के लिये प्रेरित कर रहे पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ ललित उप्रेती, लोकगीतों के माध्यम से पलायन रोकने को प्रेरित करने वाली पौड़ी की श्रीमती रेखा बलूनी, मशरूम उत्पादन से कई लोगों को रोजगार दे रही श्रीमती रेखा नेगी आदि के साथ पर्यावरण सेवा के लिये डॉ आशुतोष पंत को भी सम्मानित किया गया उन्होंने आयोजक संस्था के श्री अवतार सिंह बिष्ट, श्री पी सी शर्मा, श्री एम के नैय्यर का आभारी जताया कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री उत्तम दत्ता, राज्य आंदोलनकारी श्री हुकम सिंह कुंवर भी सम्मिलित हुए।
डॉ आशुतोष पन्त
पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी/ पर्यावरणविद।
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