महर्षि पतंजलि के तप साधना और ज्ञान परंपरा को आधुनिक समाज के लिए सुलभ बना रहे हैं योग गुरु जीवन चंद्र उप्रेती
परंपरा से प्रगति तक : पूर्व सचिव भारत सरकार भाई कमलानंद ने सराहा योगगुरु जीवन चंद्र उप्रेती का प्रयास
नई दिल्ली : पूर्व सचिव भारत सरकार भाई कमलानंद ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्राचीन काल में ही इसके महत्व को समझकर इसे भारतीय ऋषि-मुनियों ने अपनी जीवनशैली का अंग बना लिया। उन्होंने कहा कि योगगुरु जीवन चंद्र उप्रेती वेबिनार के माध्यम से योग का प्रचार-प्रसार कर लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
भाई कमलानंद ने वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवन से मुक्ति दिलाने के लिए योग को सर्वोत्तम साधन पर बल दिया। कहा आज का समाज यदि अपने व्यस्ततम जीवनशैली में योग के लिए कुछ समय प्रतिदिन दे तो निश्चित रूप से जीवन में तनाव नहीं रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे योग को अपनी रोजमर्रा की जिदगी का हिस्सा बनाए।
भाई कमलानंद ने कहा कि योगगुरु जीवन चंद्र उप्रेती की वेबिनार महर्षि पतंजलि की तप, साधना और ज्ञान परंपरा को आधुनिक समाज के लिए सुलभ बना रहा है।
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