पर्यावरण विद् डॉक्टर आशुतोष पंत ने कुमाऊं विश्वविद्यालय में भेंट किए अखरोट एवं नींबू के पौधे

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हर व्यक्ति साल में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाए।

कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल में पौध भेंट कार्यक्रम हुआ।

कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी कैंपस नैनीताल में प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को अखरोट और नींबू के 150 पौधे भेंट किए। वनस्पति विज्ञान के वरिष्ठ प्रोफ़ेसर डॉ ललित तिवारी की पहल पर आयोजित कार्यक्रम में बॉटनी और फॉरेस्ट्री के विद्यार्थियों को संबोधित करने का अवसर मिला। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। मैंने सभी से पेड़ लगाने और पालने का अनुरोध किया।
हम जीवन भर सांस लेते हैं पर इसकी कीमत नहीं समझते हैं। कोरोना के समय जो पीड़ित थे उन लोगों को शायद थोड़ी इस प्राण वायु की कीमत समझ में आई होगी जब एक एक सिलेंडर हजारों रुपये में ब्लैक में भी नहीं मिल पा रहा था। बाजार भाव से देखें तो हर आदमी अपने जीवन में करोड़ों की ऑक्सीजन उपयोग करता है। दुनिया में ऐसे कारखाने बनाने संभव नहीं हैं जो इतने बड़े जीव जगत के लिये प्राण वायु की पूर्ति कर सकें ये पेड़ ही हैं जो हम सबके जीवन को बचाते हैं। हम देवों की पूजा करते हैं जिन्हें हम देख नहीं सकते और जो प्रत्यक्ष रूप में दिखाई देने वाले वृक्षदेव हैं उनकी उपेक्षा करते हैं।
मैंने बच्चों को संकल्प दिलाया कि पॉलिथीन का प्रयोग बंद करें यह धरती के लिये कैंसर जैसा है। हर विद्यार्थी को साल में कम से कम एक पेड़ लगाने और उसे बड़ा होने तक पालने का संकल्प दिलाया।

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अगले दो तीन दिन में कैंपस में प्रोफेसर ललित तिवारी के निर्देशन में अखरोट के 50 पेड़ लगाए जाने हैं जिनकी देखभाल का जिम्मा छात्रों को दिया जाएगा।
कार्यक्रम आयोजन के लिये कुलपति डॉ डी एस रावत, प्रोफ़ेसर डॉ ललित तिवारी, प्रोफ़ेसर डॉ हरीश बिष्ट, पीएचडी स्कॉलर श्री विशाल बिष्ट और आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ शैलेश जोशी का हृदय से आभारी हूँ।

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डॉ आशुतोष पन्त
पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी/पर्यावरणविद।

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