धामी मंत्रिमंडल की बैठक में लिए जा सकते हैं महत्वपूर्ण फैसले
देहरादून: कैबिनेट विस्तार के बाद धामी मंत्रिमंडल की आज होने वाली बैठक में सभी पांच नए मंत्रियों का जोरदार स्वागत किया गया। बैठक शुरू होने से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजा गया संदेश मुख्य सचिव द्वारा पढ़ा गया प्रधानमंत्री द्वारा धामी सरकार के चार साल की सफलता पर बधाई दी है तथा उत्तराखंड को निरंतर प्रगति के पर ले जाने का आह्वान किया गया है. 22 मार्च को नए मंत्रियों को मंत्रालय आवंटित किए गए थे. इन नए मंत्रियों के साथ कैबिनेट विस्तार के बाद धामी मंत्रिमंडल की आज पहली बैठक हो रही है. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की उम्मीद है.
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट की बैठक आज देहरादून सचिवालय में चल रही है. इस बैठक में 5 नए मंत्री भी शामिल होंगे. मंत्रिमंडल विस्तार के बाद इस बैठक में नए मंत्रियों का परिचय होगा तो पंचायतीराज, वन, शिक्षा और परिवहन विभागों के विषयों पर बड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं.
धामी कैबिनेट में शामिल हुए हैं 5 नए मंत्री: धामी मंत्रिमंडल में 5 नए मंत्री शामिल करने के बाद अब कैबिनेट फुल हो चुकी है. अब चूंकि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सिर्फ 9 महीने का वक्त बचा है तो ऐसे में आज सचिवालय में होने जा रही कैबिनेट बैठक में चुनाव को लेकर ही कुछ बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं.
नए मंत्रियों को मिले हैं ये विभाग: मंत्रियों के विभाग बदलने के बाद भी ये पहली बैठक है. नए मंत्रियों में खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण के साथ भाषा विभाग मिले हैं. भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग मिले हैं. मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना विभाग मिले हैं.
रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग मिले हैं. भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबन्धन विभाग मिले हैं.
नए मंत्रियों की पहली कैबिनेट बैठक: आज बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इन विभागों को लेकर भी कई विषयों पर निर्णय हो सकते हैं, जो इन नए विधायकों के लिए अलग अनुभव होगा. अभी तक बाहर से सरकार की नीतियों को देखने वाले ये विधायक मंत्री बनने के बाद पहली बार कैबिनेट में अपनी मांग और राय रखेंगे.
समाजसेवी विशाल वर्मा एवं उनके धर्मपत्नी अंजली वर्मा ने किया यह बड़ा काम