स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रही हल्दूचौड़ की रामलीला, जानिए पूरा इतिहास

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वर्तमान में जगह-जगह रामलीला मंचन की तैयारी चल रही है हल्दूचौड़ में भी श्री रामलीला के भव्य आयोजन की जोरदार तैयारी चल रही हैं हल्दूचौड़ की रामलीला का बेहद गौरवशाली इतिहास है और कई रोचक जानकारियां भी इससे जुड़ी है वर्ष 1976 में सर्वप्रथम रामलीला की शुरुआत हुई अर्थात 2025 में रामलीला का आयोजन 50 वर्ष में प्रवेश कर रहा है या यूं कहा जाए की इस वर्ष की रामलीला स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है वरिष्ठ समाज सेवी हेम चन्द्र दुम्का बताते हैं कि सन 1976 में श्री रामलीला की शुरुआत हुई और सर्वप्रथम राजकीय इंटर कॉलेज हल्दूचौड़ के प्रांगण में इसका आयोजन हुआ उसके अगले वर्ष से ही यह रामलीला वर्तमान आयोजन स्थल अर्थात प्राइमरी पाठशाला के प्रांगण में होती है इस रामलीला कमेटी के प्रथम अध्यक्ष लक्ष्मी दत्त दुम्का रहे इसके अलावा पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल पूर्व विधायक नवीन दुम्का भी रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं अब तक जो अध्यक्ष हुए उनमें कौस्तभानंद त्रिपाठी, महेश कपिल, दुर्गा दत्त बिरखानी, विपिन कबडवाल, जीवन तिवारी, हेम दुम्का कैलाश दुम्का और रोहित बिष्ट ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी का निर्वहन किया वर्तमान में कैलाश दुम्का रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हैं शुरू में यह रामलीला नवयुवक विकास परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा कराई गई तब आसपास में कहीं रामलीला नहीं हो होती थी तो राम भक्तों को लीला देखने के लिए कहीं दूर जाना पड़ता था लिहाजा लक्ष्मी दत्त दुम्का की अगुवाई में नवयुवक विकास परिषद का गठन हुआ और हल्दूचौड़ में रामलीला की शुरुआत की पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गपाल एक अच्छे डायरेक्टर के साथ-साथ मंझे हुए कलाकार भी रहे इसके अलावा गणेश फुलारा भोला दत्त दुम्का भी अच्छे डायरेक्टर में शामिल रहे वर्तमान में लीलाधर भट्ट डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं

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