बिनु सत्संग विवेक न होई: महात्मा आलोकानंद

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मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा यहां संजय नगर द्वितीय बिंदुखत्ता स्थित श्री हंस प्रेम योग आश्रम में आयोजित होने वाले साप्ताहिक सत्संग के दौरान सत्संग का आयोजन किया गया इस अवसर पर सदगुरुदेव श्री सतपाल महाराज जी के शिष्य महात्मा आलोकानंद जी ने कहा कि सत्संग से व्यक्ति को विवेक की प्राप्ति होती है और विवेकशील व्यक्ति ही सत्य एवं असत्य का भेद करते हुए सन्मार्ग की राह पर चलता है सन्मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति ही मानव धर्म की परिकल्पना को साकार कर सकता है और प्राणी मात्र के कल्याण की प्रार्थना करते हुए सर्वे भवंतु सुखिन :के श्रेष्ठ विचार को आत्मसात भी करता है इस दौरान भुवन चंद भट्ट सुभाष जी मथुरा दत्त गोविंद देवी पुष्पा भट्ट शांति बबली दीक्षित समेत अनेकों प्रेमी जन मौजूद रहे

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