आज मौनी अमावस्या है, आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं
“मौनी अमावस्या पर मौन स्नान करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान से पूर्व शौचादि से निवृत्त हों.
मौनी अमावस्या वाले दिन मौन व्रत का पालन करें. स्नान से पहले और बाद में कम से कम कुछ समय तक मौन रहना श्रेष्ठ माना गया है. यदि संभव हो तो पूरे दिन मौन रखें.
मौनी अमावस्या पर पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करें. इस महापर्व पर गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम स्थल, नर्मदा, गोदावरी आदि पवित्र नदियों में स्नान सर्वोत्तम है. यह संभव न हो तो घर पर जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
मौनी अमावस्या पर स्नान से पूर्व भगवान विष्णु या अपने इष्टदेव का स्मरण कर मन में संकल्प लें.
मौन स्नान के समय मौन रहकर या मन ही मन ‘ॐ नमो नारायणाय नमः’ अथवा ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ का जप करें.
स्नान के उपरांत पितरों का तर्पण करें. अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, घी, कंबल आदि का दान विशेष फलदायी माना गया है.
मौनी अमावस्या की पूजा के नियम
मौनी अमावस्या के दिन तामसिक भोजन, मद्य, मांस आदि से पूर्णतः दूर रहें तथा क्रोध, असत्य और हिंसा से बचें
मन, वचन और कर्म से शुद्धता बनाए रखें-यही इस स्नान का मुख्य उद्देश्य है. मौनी अमावस्या वाले दिन सूर्यास्त से पूर्व धार्मिक कार्य पूर्ण करें. दान-पुण्य और जप-तप दिन में ही कर लें. मौनी अमावस्या पर इन नियमों का पालन करने वाला व्यक्ति के पापों का क्षय और पितृ दोष की शांति होती है. मौनी अमावस्या के पुण्य प्रभाव से मन की शुद्धि तथा धर्म-अध्यात्म में उन्नति होती है!
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