सराहनीय: किसान जय भगवान ने अपने बेटे के विवाह अवसर पर कराया सत्संग
मानव उत्थान सेवा समिति के सक्रिय कार्यकर्ता जय भगवान द्वारा अपने बेटे सूरज के विवाह अवसर पर सद्भावना सत्संग का आयोजन कराया जिसमें पूज्यनीय प्रचारिका बाई जी एवं महात्मा आलोकनंद जी के साथ साधक मुन्ना जी ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को सत्संग का श्रवण कराते हुए जय भगवान के पुत्र सूरज एवं पुत्रवधू को शुभ आशीर्वाद प्रदान किया प्रचारिका बाई जी ने कहा कि आज के भौतिकवाद के समय में जहां लोग शादी विवाह समारोह में अनाप-शनाप खर्च करते हैं तथा दिखावा एवं आडंबर से पूर्ण रहते हैं वहीं ऐसे समय में संत महात्माओं को आमंत्रित कर सत्संग का आयोजन करना निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव है उन्होंने कहा कि इस शुभ अवसर पर सत्संग का आयोजन करने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है तथा भौतिकवाद की चकाचौंध की बजाय अपने ईस्ट आराध्य को नमन करते हुए ऐसे कार्यक्रम कराए जाने चाहिए जिससे समाज में सद्भावना सौहार्द एवं प्रेम का वातावरण बना रहे महात्मा आलोकानंद जी ने भी जय भगवान के पूरे परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्संग जीवन को बुलंदियों की ओर ले जाने का माध्यम है क्योंकि इसके माध्यम से ही मनुष्य श्रेष्ठ विचारों को आत्मसात करते हुए सच्चाई की राह पर चलता है और सच्चाई का नाम ही धर्म है जहां धर्म होगा वहां सुख शांति वैभव सब कुछ अपने आप संभव हो जाता है बिंदुखत्ता के संजय नगर द्वितीय निवासी जय भगवान मूल रूप से किसान है तथा खेती किसानी कर अपने एवं अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं
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