राजपाल मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ, पशुपालकों के आराध्य देव हैं राजपाल

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सुख एवं समृद्धि के लिए श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ-
लालकुआं से लगभग 10 किलोमीटर दूर घने जंगल में स्थित श्री राजपाल महाराज के मंदिर में बौड़खत्ता, डौली खत्ता, शक्तिफार्म, आनंदनगर, शांतिपुरी एवं बिन्दुखत्ता के निवासियों के सहयोग से आज दिनांक 01 जून 2026 से आठ दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ कलश यात्रा और गणपति पूजन के साथ किया गया. लालकुआं के पास स्थित बौड़खत्ता से प्रातः लगभग 10:00 बजे महिलाओं द्वारा सुसज्जित परिधान में क्रमबद्ध होकर जय माता की और राजपाल महाराज की जय का उदघोष करते हुए यात्रा प्रारम्भ की. लगभग पांच किलोमीटर का सफर पैदल तय करते हुए कलश यात्रा श्री राजपाल महाराज के मंदिर में पहुंची तो मंदिर का माहौल भक्तिमय हो गया. उपस्थित जनसमूह के उद्घोष से मंदिर प्रांगण के साथ साथ वन क्षेत्र का बहुत बड़ा हिस्सा गूँज उठा. कथा वाचक श्री नन्द किशोर जोशी, शास्त्री जी के मुखारविंद से प्रथम दिन के कथा का पाठ प्रारम्भ हुआ. श्री राजपाल महाराज के बारे में लोगों की मान्यता है कि राजपाल महाराज एक चरवाहे थे जो आज भी वहाँ पर जीवन्त हैं और क्षेत्र के पालतू पशुओं की रक्षा करते हैं इसीलिए इनको भगवान की तरह पूजा जाता है.

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