बिंदुखत्ता को अविलंब राजस्व गांव की मांग को लेकर दिया ज्ञापन
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने तहसील लाल कुआं में एकत्रित होकर तहसीलदार लालकुआं के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर अविलंब बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की है राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखंडी के नेतृत्व में गए राज्य आंदोलनकारियों ने कहा कि बिंदुखत्ता के अंदर शत प्रतिशत उत्तराखंड मूल के निवासी हैं। पलायन के कारण हमारे पूर्वजों को अपनी जीविका अर्जित करने हेतु पहाड़ों से तराई की ओर आने को मजबूर होना पड़ा था ,दिन रात मेहनत कर बंजर जमीन को उपजाऊ बनाया गया। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम के नाम पर आज तक पहले कांग्रेस ने और अब भाजपा द्वारा गुमराह कर यहां के ग्रामीणों के अधिकारों पर डाका डाला जाता रहा है ।उन्होंने कहा कि विगत कई वर्षों से वन अधिकार समिति के द्वारा लोगों को जागरुक कर राजस्व ग्राम की मांग को लेकर एकजुट करने का प्रयास किया गया जिसका परिणाम 18 फरवरी को उमड़े जनसैलाब के रूप में हमें देखने को मिला।।इस दौरान राज्य आंदोलनकारी प्रकाश उत्तराखंडी,प्रेम सिंह नेगी, विक्की पाठक, पूरन परिहार ललित कांडपाल, नन्दन जग्गी आदि मौजूद थे
बेहतरीन कार्यशैली के रूप में जाना जाएगा वन क्षेत्र अधिकारी मुकुल चंद्र शर्मा का कार्यकाल, समाज सेवा के क्षेत्र में भी प्रस्तुत कर रहे हैं उत्कृष्ट उदाहरण