विजयदशमी पर महात्मा सत्यबोधानंद जी का संदेश जीत आखिर सत्य की ही होती है
दशहरा प्रतीक है इस बात का की असत्य चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों ना दिख रहा हो अंतिम विजय हमेशा सत्य शुद्ध और चेतना की ही होती है,भीतर के अंधकार को मिटाना होगा ज्ञान का दीप जलाना होगा केवल पुतला जलाने से क्या होगा मन का रावण मिटाना होगा , सत्य धर्म और सदाचार की हमेशा जीत होती है भगवान श्री राम का जीवन हमें सिखाता है की परिस्थितिया कितनी भी कठिन हो धर्म का मार्ग कभी नहीं छोड़ना चाहिए , भगवान श्री राम तथा श्री सदगुरुदेव जी महाराज के आशीर्वाद से आपका मन हमेशा धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहे, विजयादशमी का वास्तविक अर्थ केवल बाहर के रावण का पुतला जलाना नहीं है बल्कि अपने भीतर छिपे अज्ञान अंधकार क्रोध और नकारात्मकता रूपी रावण पर विजय पाना है ईश्वर आपको आत्म साक्षात्कार और आंतरिक शांति का आशीर्वाद दे, विजयादशमी के पावन पर्व पर आपको आपके पूरे परिवार को आत्मिक जागृति और सुख समृद्धि की हार्दिक शुभकामनाएं
महात्मा सत्यबोधानन्द शिष्य सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज


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