राजकीय अस्पताल हल्दूचौड़ में शिलापट में अंकित दो नामों पर वरिष्ठ समाजसेवी ने आपत्ति जताई, आखिर नियम विरुद्ध कैसे अंकित हो गए दोनों नाम

ख़बर शेयर करें

हल्दूचौड़ निवासी पूर्व प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ भट्ट ने बड़ा सवाल दागा है गोविंद बल्लभ भट्ट का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो हल्दूचौड़ में खोला गया है उसके शिलापट में दो ऐसे नाम है जिनका नाम कहीं से कहीं तक नहीं आ सकता है आखिर दो नाम शिलापट पर क्यों अंकित किए गए हैं यह आखिर किसके दबाव पर किया जा रहा है और बार-बार शिकायत करने के बाद भी यह नाम क्यों नहीं हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य महानिदेशक तक इसकी शिकायत की जा चुकी है आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में यह स्पष्ट है कि जिन दोनों नामों पर आपत्ति की जा रही है वे नाम शिलापट पर अंकित नहीं हो सकते हैं तो फिर यह नाम हटाए क्यों नहीं जा रहे हैं उल्लेखनीय है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हल्दूचौड़ की आधारशिला पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र दुर्गापाल द्वारा रखी गई हरिश्चंद्र दुर्गापाल ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के मद्देनजर अपने कार्यकाल में यह पुनीत कार्य संपन्न करवाया उसके बाद लंबे समय तक इसका लोकार्पण नहीं हो पाया तब राजकीय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ भट्ट तथा समाज सेवी हेमंत सिंह गोनिया ने अदालत का दरवाजा खटखटाया माननीय न्यायालय के आदेश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मार्ग प्रशस्त हुआ

यह भी पढ़ें 👉  श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर का वार्षिकोत्सव

बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हुआ शिलापट में विधायक डॉक्टर मोहन बिष्ट के अलावा दो अन्य नाम अंकित कर दिए गए इन दोनों नामों को लेकर आपत्ति है समाजसेवी गोविंद बल्लभ भट्ट का कहना है कि यह दोनों नाम सिलापट पर क्यों अंकित कर दिए गए जबकि यह दोनों नाम मानकों पर खरा नहीं उतरते हैं