शिव आराधना का प्रमुख स्थल है बिंदुखत्ता का बिंदेश्वर महादेव मंदिर

ख़बर शेयर करें

शिव आराधना के लिए सावन के महीने को सर्वोत्तम महीना माना जाता है बात जब सावन के महीने की हो ,शिव आराधना की हो तो प्रमुख शिवालयों का नाम आना भी प्रासंगिक हो जाता है ऐसे एक प्राचीन शिवालय के रूप में जाना जाता है श्री हंस प्रेम योग आश्रम संजय नगर बिंदुखत्ता स्थित बिंदेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन बिंदेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना कब हुई इसकी बहुत सटीक जानकारी तो नहीं है लेकिन पुराने जानकार श्रद्धालुओं के मुताबिक वर्ष 1932 में योगीराज हंस जी महाराज जी के द्वारा वियावान जंगल में धर्म प्रचार के दौरान कुछ पल यहां बिताए गए थे और यहीं पर उन्होंने भगवान शिव को समर्पित बिंदेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की कालांतर में जगत जननी राज राजेश्वरी माताजी ने यहां शिवलिंग स्थापित किया बिंदुखत्ता की बसावट का यह सबसे प्राचीन देव स्थल माना जाता है कहा तो यह भी जाता है कि बिंदेश्वर महादेव मंदिर के आधारशिला रखने के बाद से ही यहां बसावट का क्रम शुरू हुआ बाद में महात्मा परमानंद जी ने इस क्षेत्र को अपनी तपस्थली के रूप में चुना और अनेक लोग मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा संचालित श्री हंस प्रेम योग आश्रम में जुड़ते चले गए और सत्संग में नियमित रूप से हिस्सा भी लेने लगे इस मंदिर के अत्यंत जीर्ण हो जाने के चलते मानव उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय संगठन सचिव महात्मा सत्यबोधानंद जी ने स्थानीय श्रद्धालु एवं प्रेमी जनों के सहयोग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े वर्तमान में यह मंदिर अब दिव्यता के साथ-साथ भव्यता का रूप भी ले चुका है श्रद्धा एवं भक्ति का यह अटूट संगम जिसे बिंदेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है यहां स्थानीय के अलावा दूर दराज के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आते हैं सावन के महीने में यहां शिव भक्तों का तांता लग जाता है सावन के सोमवार में सुबह ब्रह्म बेला में ही यहां भक्तों की अच्छी संख्या दिखाई देती है मंदिर के अंदर विघ्न विनाशक गणेश जी राम भक्त हनुमान सच्चिदानंद स्वरूप भगवान कृष्ण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम भगवान शिव आदि के सुंदर विग्रह भी है इसके अलावा जगत जननी जगदंबा का सुंदर विग्रह भी मंदिर के अंदर स्थित है मंदिर के प्रवेश द्वार के बाद जब निकासी द्वार से आप बाहर को निकलेंगे तो सामने शनिदेव भगवान का भी बहुत ही सुंदर मंदिर है उनके बगल में राधा कृष्ण की सुंदर मूर्ति विराजमान है वर्तमान में श्री हंस प्रेम योग आश्रम संजय नगर में स्थित बिंदेश्वर महादेव मंदिर भक्तों की अटूट आस्था एवं श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन चुका है शिव मंदिर से पूर्व आश्रम में मां राजेश्वरी श्री हंस मंदिर भी अत्यंत प्राचीन है यहां पहुंचकर के भक्त श्रद्धा के साथ शीष नवाते हैं एवं जगत जननी माता राजराजेश्वरी जी एवं योगीराज हंस जी की कृपा को प्राप्त करते हैं वर्तमान में आश्रम की व्यवस्था देख रहे महात्मा आलोकानंद जी ने बताया कि शिव मंदिर में समय-समय पर दीपदान का कार्यक्रम भी किया जाता है जिसकी शिव महापुराण में अत्यंत सुंदर महिमा बताई गई है