हरियाणा में महात्मा सत्यबोधानंद जी का जलवा, सत्संग सुनने पहुंचे हजारों लोग

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हरियाणा के कैथल में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित सत्संग समारोह में युवा संत महात्मा सत्यबोधानंद जी ने अपने ओजस्वी प्रवचन के माध्यम से समस्त धर्म ग्रंथो के सार सत्संग की महिमा का सुंदर वर्णन कर उपस्थित हजारों लोगों को भाव विभोर कर दिया महात्मा सत्यबोधानंद जी ने कहा कि सत्संग ही समस्त प्रकार के आनंद और कल्याण का स्रोत है उन्होंने कहा कि सत्संग की महिमा अपरंपार है जिसे भगवान शिव भी माता पार्वती के साथ पक्षी रूप धारण कर नीलगिरी पर्वत पर जाकर सुना करते थे इतना ही नहीं देवों के देव महादेव कुंभज ऋषि के आश्रम में जाकर भी सत्संग का अमृत पान करने आए उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में स्पष्ट उल्लेख है कि स्वर्ग एवं मोक्ष के समस्त सुखों को तराजू के एक पलड़े में रख लिया जाए और दूसरे पलड़े में सत्संग का छोटा सा क्षण मात्र रख लिया जाए तो भी सत्संग का पलड़ा भारी रहेगा इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सत्संग आखिर क्या है उन्होंने कहा कि सत्संग से ही व्यक्ति विवेकशील होता है और विवेकशील व्यक्ति ही घर परिवार समाज एवं राष्ट्र को सही दिशा दे सकता है कैथल में आयोजित भव्य सत्संग के दौरान महात्मा जी ने बताया कि मानव धर्म के प्रणेता सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज का 75 वां पावन जन्मोत्सव ऋषिकुल हरिद्वार में धूमधाम से मनाया जाएगा उन्होंने बताया कि 20 और 21 सितंबर को सद्भावना सम्मेलन एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे इस अवसर पर सुमिता बाई जी ने भी सत्संग की महिमा का सुंदर बखान किया