नहीं रहे बाबा वीरेंद्र पुरी महाराज
उत्तराखंड देवभूमि पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष विरेंद्रपुरी महाराज का बीती रात्रि निधन हो गया उनके निधन से क्षेत्र में शोक के लहर व्याप्त है जानकारी के मुताबिक पुलिस को देर उ सूचना मिली कि वीरेंद्र पुरी महाराज का आवास के दरवाजा अंदर से बंद है काफी आवाज लगाने पर भी दरवाजा नहीं खुल रहा है पुलिस ने मौके पर जाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया पुलिस ने दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश किया जहां वीरेंद्र पुरी अचेत अवस्था में पाए गए प्रथम दृश्य हीटर व तवा होने की वजह से विरेंद्रपुरी की मौत करंट लगने से हुई माना जा रहा है लेकिन पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो सकी है वीरेंद्र पुरी महाराज पूर्व में गायत्री शक्तिपीठ के बगल में प्राचीन शिव मंदिर के भी व्यवस्थापक रह चुके हैं नेशनल हाईवे की जद में आने के कारण मंदिर एवं समाधि वहां से हटा दी गई थी जिसके बाद वीरेंद्र पुरी वीआईपी गेट के बगल में ब्रह्मदेव मंदिर में रह रहे थे इससे पूर्व लाल कुआं के फलाहारी मंदिर में भी वे कुछ समय रहे फलाहारी मंदिर में भी वे अपने नाम वसीयत होने का दावा करते रहे लिहाजा फलाहारी मंदिर में अधिकार को लेकर उन्होंने केशवानंदपुरी महाराज के खिलाफ कोर्ट में वाद दायर किया था हालांकि बताया जाता है कि वह मुकदमा हार गए थे फिलहाल विरेंद्रपुरी की मौत से हर कोई स्तब्ध है क्योंकि वीरेंद्र पुरी महाराज राजनीतिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे और वर्ष 2002 से लेकर अब तक के सभी विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी सहभागिता निभाई थी
बिंदुखत्ता में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर कल 14 सितंबर को