जल संरक्षण की दिशा में रेलवे ने उठाया बढ़ा कदम, 9 केंद्रो पर लगाए वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट
गोरखपुर, 08 जून, 2026: पूर्वोत्तर रेलवे पर जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु निरन्तर प्रयास
किया जा रहा है। इसी क्रम में जल संरक्षण हेतु पूर्वाेत्तर रेलवे के 09 केन्द्रों पर ’वाटर रिसाइक्लिंग प्लान्ट’ लगाये गये है।
पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा कोचिंग डिपो में 250 के.एल.डी (किलोलीटर प्रति दिन), लखनऊ कोचिंग डिपो में 500
के.एल.डी, लखनऊ जं. स्टेेशन पर 250 के.एल.डी, न्यू कोचिंग डिपो गोरखपुर में 50 के.एल.डी, ओल्ड कोचिंग डिपो
गोरखपुर में 50 के.एल.डी, कासगंज कोचिंग डिपो में 500 के.एल.डी, रामनगर कोचिंग डिपो में 50 के.एल.डी, टनकपुर
कोचिंग डिपो में 20 के.एल.डी तथा लालकुआं कोचिंग डिपो में 20 के.एल.डी क्षमता सहित कुल 1690 किलोलीटर
प्रतिदिन क्षमता के वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित किये गये है।
वाटर रिसाइक्लिंग प्लांट के माध्यम से कोचों की धुलाई के बाद निकलने वाले अपशिष्ट जल को जैविक एवं रासायनिक
प्रक्रिया द्वारा पुनः उपयोग योग्य बनाया जाता है, जिससे पानी की बचत होती है। जल संरक्षण की दिशा में पूर्वाेत्तर रेलवे
द्वारा उठाया गया यह उल्लेखनीय कदम है।
इसकी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुये आगे भी इसका विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में काठगोदाम कोचिंग डिपों
एवं गोरखपुर जं0 स्टेशनों पर भी ’वाटर रिसाइक्लिंग प्लान्ट’ लगाये जाने का कार्य प्रगति पर है।
(सुमित कुमार)
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी