हरिद्वार से दिया सद्गुरुदेव सतपाल महाराज ने सद्भावना का संदेश, मुख्यमंत्री धामी ने भी किया सम्मेलन को संबोधित, धूमधाम से मनाया बैसाखी महोत्सव

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हरिद्वार के ऋषिकुल ग्राउंड में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा तीन दिवसीय बैसाखी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया कार्यक्रम में प्रथम दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सद्भावना सम्मेलन को संबोधित किया मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय के महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संत सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज ने वर्तमान समय में विश्व शांति की दिशा में धर्म एवं आध्यात्म की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में अशांति का माहौल है ऐसे में पूरी दुनिया को शांति सद्भावना और सौहार्द का संदेश देने के लिए अध्यात्म की नितांत आवश्यकता है और मानव उत्थान सेवा समिति सद्भावना सम्मेलन के माध्यम से देश और दुनिया को शांति एवं भाईचारा का संदेश दे रही है पूज्यनीय अमृता माताजी ने कहा कि वर्तमान में युवाओं का सन्मार्ग से विमुख होना बेहद चिंता का विषय बना हुआ है उन्होंने कहा कि आज युवा संस्कृति नशे की गिरफ्त में है जो बेहद पीड़ादायक है उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि बचपन से ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें तथा धर्म एवं आध्यात्म की शिक्षा प्रदान करें श्रद्धेय विभु जी महाराज सुयश जी महाराज आराध्या माता एवं मोहना माता ने भी वैशाखी महोत्सव की सभी को शुभकामना देते हुए कहा कि सनातन धर्म ही पूरी दुनिया में शांति का संदेश कायम कर सकता है और भारत को सनातन धर्म के पथ पर चलकर ही फिर से विश्व गुरु बनाया जा सकता है बैसाखी महोत्सव के अंतिम दिन अर्थात 15 अप्रैल को आयांश जी महाराज का पावन जन्मोत्सव भी बहुत ही धूमधाम तरीके से मनाया गया ऋषिकुल ग्राउंड में चल रहे तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन में भारत के अनेक प्रांतो के अलावा विदेशों के श्रद्धालु भी आए हुए थे जिनके लिए ऋषिकुल ग्राउंड के अलावा प्रेम नगर आश्रम आदि स्थानों में भी रहने एवं भोजन की व्यवस्थाएं की गई थी इससे पूर्व 13 अप्रैल को यहां पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा सद्भावना सम्मेलन के द्वारा धर्म जागरण एवं राष्ट्र जागरण के प्रयासों को सराहनीय बताया उन्होंने कहा कि सदगुरुदेव महाराज जी के आशीर्वाद से आज पूरे देश में शांति एवं सद्भावना का संदेश दिया जा रहा है जिसकी नितांत आवश्यकता है कार्यक्रम में देश के अनेक तीर्थ स्थलों के संत महात्मा भी पहुंचे हुए थे