सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश को नाकाम किए जाने पर पुलिस प्रशासन की भाकपा माले ने सराहना की

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भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिन भाकपा माले ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि हल्द्वानी में कल जानवर का सिर मिलने के नाम पर कुछ कथित हिन्दूवादी संगठनों द्वारा क्षेत्र में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बेहद सचेत रूप से सामाजिक तानेबाने को नष्ट करने की कार्यवाही है, प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि संघ ब्रिगेड के लोग ऐसी किसी भी घटना को साम्प्रदायिक रंग देने के मौके ढूंढने की तलाश में रहते हैं। यह बात भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने प्रेस बयान के माध्यम से कहीं।

माले नेता कहा कि, पहले भी यह देखने में आया है कि बनभूलपुरा से लेकर कमलुआगांजा तक किसी भी घटना को साम्प्रदायिक रंग देने में कुछ संगठनों और व्यक्तियों का विशेष हाथ रहता है और किसी भी घटना की आड़ में मुस्लिमों की दुकानों, घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमला करने का काम किया जाता है, कल की घटना में भी यह देखने को मिला। गौरतलब यह है कि साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले इन सभी लोगों का बिना किसी अपवाद के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किसी न किसी आनुषंगिक संगठन से संबंध सामने आता रहा है। इसीलिये भाजपा का सीधा राजनीतिक संरक्षण पाए हुए ये लोग खुले आम साम्प्रदायिक नफरत भरी भाषा और व्यवहार करते हुए अल्पसंख्यक समाज के प्रति घृणा जनित आक्रामक व्यवहार से भय पैदा करने का और लोगों को बांटने का कार्य करते हैं। जो कि निंदनीय और समाज विरोधी कृत्य है और संविधान की मूलभूत भावना के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि, राहत राहत की बात यह है कि इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन की तत्परता ने मामले को साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश पर रोक लगाने में सफ़लता हासिल की, इसके साथ हम मांग करते हैं कि पुलिस प्रशासन को इस घटना को साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश के लिए इस्तेमाल करने वालों और तोड़फोड़ करने वालों पर अधिकतम संभव कठोर कानूनी कार्यवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि, नैनीताल जिले के हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल आदि जगहों में जिस तरह से लगातार नफरत का माहौल बनाने की सचेत कोशिशें की जा रही हैं उसके खिलाफ धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक पार्टियों, प्रगतिशील संगठनों, लोकतांत्रिक लोगों और संपूर्ण नागरिक समाज को आगे आना होगा। हमें भाजपा-आरएसएस की नफरत की राजनीति के वैचारिक वर्चस्व को चुनौती देते हुए उनकी विभाजनकारी राजनीति को ध्वस्त करना होगा। तभी एक सौहार्दपूर्ण समाज बनाने का काम किया जाना सम्भव हो सकता है।

डॉ कैलाश पाण्डेय
जिला सचिव
भाकपा (माले) नैनीताल

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