कार रोड बिंदुखत्ता में दिल्ली सरकार का पुतला फूंका

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आज काररोड बिंदुखत्ता में प्रगतिशील महिला एकता केंद्र व इंकलाब मजदूर केंद्र के कार्यकर्ताओं ने देश की राजधानी दिल्ली में सितंबर रविवार को डीयू के पास सत्य निकेतन इलाके में 6 मंजिला इमारत ढहने से 6 छात्रों की व 1 मजदूर की मौत के विरोध में दिल्ली सरकार का पुतला फूंका गया. सभा में बात रखते हुए प्रगतिशील महिला एकता केंद्र के कार्यकर्ताओं ने कहा कि पहले से जर्जर इमारत के बेसमेंट में इमारत को रिपेयर करने का काम चल रहा था ऐसा बताया जा रहा है की नीव कमजोर होने की वजह से इमारत ढह गई.ऐसा भी बताया जा रहा है कि पीजी के मालिक ने छात्रों से लिखवा रखा था की किसी भी अनहोनी के लिए वह जिम्मेदार नहीं होगा.यानी इमारत की स्थिति का मालिक को पहले से पता था lलेकिन वह फिर भी पैसों के लालच में छात्रों को वहां रख रहा था l
यह इलाका नगर निगम के अंतर्गत आता है इस जैसी जर्जर इमारत में पीजी कोचिंग सेंटर आदि चलाए जाते हैं ना तो इन इमारत पर नगर निगम आपत्ति जताता है और ना ही दिल्ली प्रशासन कोई आपत्ति जाता है जब कोई घटना हो जाती है तब उसे इमारत के मालिक या फिर छोटे अफसर पर छोटी-मोटी कार्रवाई कर काम खत्म हो जाता है lजैसे इस घटना में भी हुआ l
दिल्ली में यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले एक इमारत में आग लगने के कारण छात्रों की मौतें हुई थी और उससे पहले भी कई इमारत ढह गई जिसमें लोगों की मौतें हुईl
केंद्र सरकार हो या विभिन्न राज्य सरकार सभी ने शिक्षा पर बजट में लगातार कटौती की है इसके परिणाम स्वरुप जरूरत के अनुरूप हॉस्टलों का निर्माण नहीं हो रहा है और किराया जीवी माफिया भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र की मिली भगत से मापदंडों को पूरा किए बिना न सिर्फ ऊंची इमारतें बन रहे हैं बल्कि जर्जर हो चुकी इमारत को भी पीजी के रूप में चला रहे हैं l पैसा बनाने की हवस में वे छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं
निजीकरण की नीतियों ने देश में शिक्षा की सरकारी व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है l भयंकर बेरोजगारी के इस दौर में छोटे शहरों और गांव और गांव से छात्र अच्छी शिक्षा पाने और भविष्य के सपनों के साथ महानगरों की ओर रुख करने पर मजबूर हैं l इसका फायदा उठाते हुए इन महानगरों में किराया जीवी माफिया छात्रों को बुरी तरह लूट का सूट रहे हैं l क्योंकि बाहर से आने वाले छात्रों के लिए कॉलेजों मैं हॉस्टलों की संख्या बहुत ही कम है l राजधानी दिल्ली में पढ़ रहे कई लाख छात्रों पर हॉस्पिटलों की संख्या मात्र कुछ हजार है l
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र का स्पष्ट कहना है की असल में यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि शिक्षा की बदहाल व्यवस्था और भ्रष्ट पूंजीवादी तंत्र के द्वारा की गई हत्याएं हैं l प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की मांग है कि इस घटना में मारे गए छात्रों व अन्य नागरिकों के परिजनों को एक एक करोड रुपए मुआवजा दिए जाने एवं सभी के परिजनों को सरकारी नौकरी दिए जानी चाहिए व घायलों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिएl
इस दुखद घटना मैं हुई छात्रों वह मजदूर की मौत पर शोक सभा कर श्रद्धांजलि दी गई l और दिल्ली सरकार का पुतला फूंका गया l
सभा में बिंदुगुप्ता,मीना, काजलl,विमला,रेखा,कमलl, पुष्पा,आशा,जमुना,दीपा, अनीता, मेहरुन्निसा, बिमला, शीला सुनीता प्रेमl, बाबूलाल बसंत जोशी,सुभाष गुप्ता, नीरज शंकर लाल,प्रेम प्रकाश, और अंबेडकर पार्क सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार आदि लोग मौजूद थेl