डी एफ ओ कार्यालय पर किसान महासभा की गर्जना

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  • डीएफओ तराई पूर्वी कार्यालय पर किसान महासभा का धरना प्रदर्शन
  • बागजाला में पेयजल की समस्या का समाधान करने और सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग उठाई

अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला की ओर से प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) तराई पूर्वी वन प्रभाग के सम्मुख धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से ग्राम बागजाला में पेयजल की समस्या के समाधान, सड़क की मरम्मत कराए जाने और भूमि के मालिकाने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने की मांग पर किया गया।

धरने को संबोधित करते हुए भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डा कैलाश पाण्डेय ने कहा कि, बागजाला के निवासी पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में जीने को मजबूर कर दिए गए हैं। आजादी के अमृत काल में लोगों को पेयजल के लिए बार बार सड़कों पर उतरना पड़े इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है। वन विभाग द्वारा रोकी गई योजना शुरू की जानी चाहिए और लालकुआं विधायक को जनता को पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था करवानी चाहिए।

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बागजाला किसान महासभा की अध्यक्ष उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि, बागजाला गांव में भारत सरकार की जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत ‘हर घर नल, हर घर जल योजना’ का काम वन विभाग द्वारा रोके जाने के बाद से अभी तक ठप्प पड़ा है। वर्तमान में पुरानी पेयजल योजना से भी पानी की सुचारू आपूर्ति में बाधा आ रही है। इसके साथ ही बागजाला गांव की सड़कें बदहाल हैं, बड़े बड़े गढ्ढे होने की वजह से आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसका तत्काल समाधान किया जाए।

किसान महासभा के प्रचार सचिव पंकज चौहान ने कहा कि, जल संस्थान के अनुसार उनके विभाग की ओर से पेयजल योजना के संबंध में काम चल रहा है और उनकी ओर से कोई समस्या नहीं है वन विभाग कह रहा है कि उनकी ओर से कोई रोक नहीं है और दोनों विभागों के बीच में बागजाला गांव की जनता पिस रही है और पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है।

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गौरतलब है कि किसान महासभा का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व में दिनांक 13/02/2025 को भी डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग से मिला था जिसमें बागजाला गांव की समस्याओं पर उनसे चर्चा की गई थी। वार्ता के दौरान उन्होंने वन विभाग की ओर से योजनाओं के क्रियान्वयन पर कोई भी रोक नहीं होने की बात कही थी और टूटी सड़क का निरीक्षण और मरम्मत कराए जाने के लिए आश्वासन भी दिया था। लेकिन लगभग तीन महीने होने को होने के बाद भी इस पर कोई प्रगति नहीं हुई है। इस पर ग्रामीणों की ओर से रोष व्यक्त किया गया।

बागजाला की जनता ने चेतावनी दी बागजाला की परेशान जनता को पेयजल सुविधा तत्काल नहीं मिलने की स्थिति में निरंतर आंदोलन को तेज करने के अलावा जनता के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा।

धरने के माध्यम से मांग-

  1. जनता की पेयजल समस्या का समाधान करने के लिए रोकी गई हर घर नल योजना का कार्य तत्काल शुरू किया जाए। वर्तमान में पेयजल की सुचारू आपूर्ति में आ रही सभी बाधाओं को दूर किया जाय।
  2. बागजाला गांव में बदहाल हुई सड़कों का पुनर्निर्माण कराया जाए।
  3. बागजाला के निवासियों को “जो जहां पर है उसे वहीं पर रहने का अधिकार” देते हुए वन विभाग राज्य सरकार को अपनी ओर से अनापत्ति प्रस्ताव भेजे।
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धरना प्रदर्शन में डा कैलाश पाण्डेय, उर्मिला रैस्वाल, पंकज चौहान, रईस अहमद, चन्दन सिंह मटियाली, गोपाल सिंह बिष्ट, मीना भट्ट, यासीन, पुष्पा भट्ट, कल्लू प्रजापति, दौलत सिंह कुंजवाल, हनीफ, मोहन राम, हेमा देवी, चंपा देवी, ममता प्रजापति, नंदी देवी, लच्छी राम, नाजिम, किशन राम, फहीम, लक्ष्मी, असलम चौधरी, यशपाल, देवकी, मुन्नी, हीरा देवी, अनीता, लीला, दीपा, कुतुबुद्दीन, मो इस्लाम, सुनीता प्रजापति, विमला आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।

डा कैलाश पाण्डेय

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