श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर का वार्षिकोत्सव
उत्तराखंड के प्रमुख शक्तिपीठ मां अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर का वार्षिक उत्सव धूमधाम धाम से मनाया जा रहा है इस अवसर पर विद्वान आचार्यों के द्वारा हवन अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं मंदिर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सोमेश्वर यति जी महाराज ने बताया कि अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर जिसे पवाहारी बाल कृष्ण यति धाम से भी जाना जाता है का वार्षिक उत्सव इस बार तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है जिसकी शुरुआत 28 अप्रैल से हुई आज इसे विश्राम दिया जाएगा बताया गया की महालक्ष्मी मंदिर का भूमि पूजन वर्ष 2004 में हुआ था जबकि इसका शुभारंभ 2007 में हुआ अष्टादशभुजा महालक्ष्मी मंदिर का भूमि पूजन एवं लोकार्पण ब्रह्मलीन पवाहारी स्वामी बालकृष्ण यति जी के कर कमलों द्वारा किया गया था उल्लेखनीय है कि महालक्ष्मी मंदिर अपने धार्मिक एवं अद्भुत कलाकृति के लिए पूरे देश भर में जाना जाता है मंदिर का भव्य एवं दिव्य रूप देखते ही बनता है इस स्थान पर पहुंचकर परम शांति की प्राप्ति होती है और यहां ब्रह्मलीन महा तपस्वी बालकृष्ण यति जी के विग्रह पर लोग बड़ी श्रद्धा के साथ शीश नवाते हैं यहां मुख्य रूप से उमेश वार्ष्णेय रविंद्र मोहन शर्मा समेत अनेकों श्रद्धालु मौजूद रहे
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