शरीर और आत्मा दोनों को बल प्रदान करता है नाम सुमिरन: महात्मा आलोकानंद

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श्री हंस प्रेम योग आश्रम संजय नगर द्वितीय बिंदुखत्ता में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में महात्मा आलोकनंद जी ने कहा कि नाम का निरंतर सुमिरन करने से मनुष्य के समस्त विषय विकार दूर होते हैं और उसे सद्बुद्धि एवं सदज्ञान की प्राप्ति होती है महात्मा आलोकनंद ने कहा कि जिस प्रकार से हम प्राण वायु के रूप में ऑक्सीजन लेते हैं तथा विषाक्त वायु के रूप में कार्बन डाइऑक्साइड को छोड़ते हैं ठीक इसी प्रकार से यदि हम अपने ईष्ट आराध्य सदगुरुदेव द्वारा प्रदान किए गए उस नाम का सुमिरन करते हैं जिसे अजपा कहा गया है जो निरंतर सांसों की माला में रमण करता है उसके निरंतर सुमिरन करने से शरीर के अंदर के समस्त विषय विकार दूर हो जाते हैं और मनुष्य अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य जिसे भगवत प्राप्ति कहते हैं उसे प्राप्त कर लेता है नाम का निरंतर सुमिरन करने से समस्त प्रकार के द्वेष कुविचार नष्ट हो जाते हैं और व्यक्ति के अंदर सदप्रवृत्तियों का संवर्धन होने लगता है यहां मुख्य रूप से उमेद सिंह रावत केसर सिंह धामी देवी दत्त भट्ट ब्रह्मानंद ज्ञान सिंह रावत जवाहर सिंह दानू बसंती दानू समेत अनेकों प्रेमी कार्यकर्ता मौजूद रहे