श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, सृष्टि के क्रम समेत अनेक प्रसंगों की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

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दुर्गापुरम हल्दूचौड़ में ज्ञान भक्ति व वैराग्य की त्रिवेणी श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा में गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर परमपिता परमात्मा की अनेक कथाओं का आनंद प्राप्त कर रहे हैं प्रख्यात कथा वाचक पंडित नवीन चंद्र जोशी ने कहा कि भगवान भाव के भूखे हैं भाव के साथ उन्हें जो कुछ भी अर्पित किया जाता है उसे वह सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं भगवान छल कपट से दूर रहते हैं और निश्छल प्रेम जहां होता है वह स्वयं प्रकट हो जाते हैं उन्होंने कहा कि श्रद्धा भाव एवं प्रेम के चलते ही भगवान ने शबरी के जूठे बेर खाए 56 प्रकार के व्यंजनों को छोड़कर उन्होंने महात्मा विदुर के घर भोजन प्रसाद ग्रहण किया और प्रेम के वसीभूत होकर ही उन्होंने अर्जुन का सारथी बनना स्वीकार किया विद्वान आचार्य नवीन चंद्र जोशी ने अपनी ओजस्वी वाणी से आज श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन अनेक प्रसंगों का बहुत ही सुंदर वर्णन किया उन्होंने नीति एवं ज्ञान का समन्वय करते हुए विदुर तथा उद्धव का संवाद सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया उन्होंने विदुर एवं मैत्रेय मुनि के बीच के संवाद का भी विस्तार से वर्णन किया तथा सृष्टि के क्रम की कथा का बहुत ही सार्थक विश्लेषण किया उन्होंने कहा कि श्री हरि की नाभि कमल से ब्रह्मा की उत्पत्ति हुई और ब्रह्मा के द्वारा सनत कुमार आदि ऋषियों के अलावा 10 मानस पुत्रों की उत्पत्ति हुई

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बाद में मनु एवं शतरूपा की उत्पत्ति कर उन्होंने मैथुनी सृष्टि का प्रारंभ किया मनु एवं शतरूपा के कारण ही संपूर्ण मानव जाति को मनुष्य कहा गया उन्होंने भगवान श्री हरि नारायण द्वारा ब्रह्मा को विधाता की उपाधि प्रदान करने एवं चतुश्लोकी भागवत का ज्ञान देने का भी सुंदर वर्णन किया कथा में मुख्य रूप से जय और विजय को सनत कुमारों द्वारा श्राप देना उनका हिरण्याक्ष एवं हिरण्यकश्यप के रूप में राक्षस जाति में जन्म लेना भगवान का वराह अवतार हिरण्याक्ष को मोक्ष प्राप्ति समेत अनेक प्रसंग सुनाए गए बीच-बीच में सुंदर भजन कीर्तन की प्रस्तुति से ज्ञान गंगा में भक्ति रस का सुंदर समावेश दिखाई दिया यहां मुख्य रूप से चंदन गिरी गोस्वामी श्री कृष्णा गोस्वामी पंकज गोस्वामी के अलावा गिरीश चंद्र पांडे नारायण दत्त भट्ट ललित मोहन तिवारी योगेश जोशी पहाड़ी कुंदन सिंह नेगी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे