आखिर क्यों कहते हैं इस स्थान को पहाड़पानी पढ़ें रोचक जानकारी
हल्द्वानी देवीधुरा मार्ग पर भीमताल खुटानी पदमपुरी धारी धानाचुली के बाद बेहद खूबसूरत और शांत वादियों में बसा स्थान है पहाड़ पानी जो उत्तराखंड की जवानी और पानी की समृद्धि एवं खुशहाली का परिचायक है आखिर इस खूबसूरत जगह को पहाड़ पानी नाम कैसे दिया गया इस पर भी एक रोचक कथा है स्वामी विवेकानंद पदयात्रा स्मृति से जुड़े लोगों का कहना है कि वर्ष 1900 से 1901 के बीच स्वामी विवेकानंद जी ने काठगोदाम से लेकर मायावती लोहाघाट तक पदयात्रा की 31 दिसंबर 1900 की रात्रि में स्वर्गीय शेर सिंह नेगी के आवास पर रुके और उन्होंने यहां स्थित पवित्र नौले का पानी पिया पानी पीकर उन्हें बेहद सुखद अनुभूति हुई और उनके मुंह से अनायास ही निकला पहाड़ पानी तब से इस स्थान का नाम पहाड़ पानी प्रसिद्ध हो गया पहाड़ पानी उत्तराखंड की सुरम्य वादियों में बसा है बेहद शांत एवं रमणीक क्षेत्र है हल्द्वानी भीमताल खुटानी पदमपुरी धारी धानाचुली होते हुए देवीधुरा मार्ग पर यह सुंदर स्थान बसा हुआ है