धर्म एवं आध्यात्म की संवाहक है अमरनाथ यात्रा : डॉ राजकुमार सेतिया
दिव्य साधना के रूप में होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा जो की इस वर्ष 57 दिनों की होनी है 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा का आध्यात्मिक चेतना सांस्कृतिक मानवीय मूल्यो का जीवंत प्रतीक है अब तक बाबा बर्फानी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं ने का आंकड़ा लगभग 1लाख पार हो चुका है लाल कुआं नैनीताल निवासी डॉक्टर राजकुमार सेति या इस संदर्भ में विस्तार से बताते हैं कि अमरनाथ यात्रा में लगभग 8 से 10 हजार लोग बालटाल एवं पहलगाम रूट से भोले बाबा के दर्शन करने हेतु रवाना होते हैं
लेकिन पांचवें दिन ही बर्फानी बाबा विलोप होने की सूचना आने लगी है
बर्फानी बाबा के अंतर ध्यान होने के कई तरह के कारण हैं जैसे श्रद्धालुओं के अत्यधिक संख्या दर्शन करने पहुंचना और आधुनिक व्यवस्थाओं के कारण इम्यूनिटी बढ़ाना मौसम कभी गर्म कभी बारिश होना प्रमुख कारण है और अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं का उक्त स्थान को पिकनिक स्पॉट जैसा बना देना भी बाबा का विलोम होने का कारण भी है
बाबा अमरनाथ की यात्रा कुछ समय पहले बहुत ही कम श्रद्धालु दर्शनार्थ के लिए जाते थे पहले कुछ समय पहले अमरनाथ यात्रा केवल एक माह की होती थी उक्त यात्रा को आज के कुछ वर्षों से अत्यधिक रजिस्ट्रेशन कर व्यवसायीकरण कर दिया गया है दिव्य साधना से परिपूर्ण यह यात्रा रक्षाबंधन के दिन छड़ी यात्रा के साथ समापन होती थी
इस बार 57 दिन की यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर रक्षाबंधन के दिन तक होगी दर्शनार्थियों के लिए भोले बाबा के श्रद्धालु दोनों रास्तों बालटाल एवं गुफा तक जाने हेतु पहलगाम की ओर से जाने वाले यात्रियों हेतु बड़े-बड़े लंगर लगाए जाते हैं बड़ी सेवा भाव से सभी श्रद्धालुओं का यह लंगर के संचालक सेवा करते हैं लेकिन श्री अमरनाथ यात्रा को आधुनिक बनने के कारण गुफा तक गाड़ी व्यवस्थाएं होने के कारण बर्फानी बाबा यात्रा के लगभग पांचवें दिन ही अंतर ध्यान हो गए उसके बावजूद भी जो स्थान श्रद्धालु है बाबा के स्थान के दर्शन कर शीश नवाकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं लेकिन बड़ी सोचनीय बात है की बाबा अमरनाथ बर्फानी मुझे कुछ वर्षों से समय से पहले ही अंतर ध्यान होकर उक्त स्थान से लोप हो जा रहे हैं
लेखक डॉ राजकुमार सेतिया प्रमुख समाजसेवी एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं एवं पूर्व में नगर पंचायत के सभासद तथा जिला योजना समिति के सदस्य भी रह चुके हैं इसके अलावा भी भारत विकास परिषद राधे कृष्ण सेवा समिति श्री गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी समेत अनेक महत्वपूर्ण संस्थानों में भी जुड़े हुए हैं
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