कैबिनेट मंत्री ने दिया पहाड़ियों पर यह बयान तो आग बबूला हुए स्वराज हिंद फौज के युवा नेता, दिल्ली में किया जोरदार प्रदर्शन

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राज्य आंदोलनकारी सुशील भट्ट व हरीश पनेरू तथा उत्तराखंड प्रवासी संगठन के अध्यक्ष कमल ध्यानी के संयुक्त नेतृत्व में मंत्री प्रेमचन्द्र अग्रवाल द्वारा उत्तराखण्डियों को गाली देने के विरोध में 02 मार्च को दिल्ली के राजघाट से मंत्री की शवयात्रा शुरू की गई आंदोलन की अगुवाई कर रहे सुशील भट्ट ने बताया कि, दिल्ली पुलिस द्वारा बल प्रयोग कर आंदोलनकारी को जबरन बसों में ठूंस दिया गया तथा गिरफ्तार कर नई दिल्ली स्थित राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में 6-7 घंटे तक हिरासत में रखा । इस दौरान आंदोलनकारियों को पुलिस प्रताड़ना का सामना भी करना पड़ा ।

स्वराज हिन्द फौज के अध्यक्ष सुशील भट्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा निजी मुचलके की शर्त पर रिहा करने की बात का विरोध किया तो आंदोलनकारी और भी ज्यादा भड़क गए । इस अवसर पर सुशील भट्ट ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का गठन बहुत लम्बे संघर्ष और बलिदानों के फलस्वरूप हुआ। वर्ष 1994 में राज्य आंदोलन नें उग्र रूप लिया, खटीमा , मसूरी और मुज्जफरनगर के रामपुर तिराहा सहित अन्य गोलीकांडों में 42 लोगों ने अपनी जान गवांई । लेकिन आज भाजपा के मंत्री उत्तराखंड के लोगों को खुलेआम सदन में गाली बक रहे हैं व राज्य के शहीदों का अपमान कर रहे हैं । उत्तराखंड विरोधी ऐसे धूर्त नेताओँ को राज्य बदर कर देना चाहिए । उत्तराखंड के लोग अब उत्तराखंड का अपमान और नहीं सहेंगे व उत्तराखंड विरोधी मानसिकता को राज्य से बाहर करने का कार्य करेंगे ।

प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने कहा कि जिन सपनों को लेकर राज्य निर्माण की लड़ाई लड़ी गयी , शहीद आंदोलनकारियों के वे सपने आज भी अधूरे हैं । उसके उलट पहाड़ के लोगों को सदन में गाली बकी जा रही हैं । हम राज्य में ऐसे मंत्रियों को सहन नहीं करेंगे और इन्हें बाहर खदेड़ने का कार्य करेंगे । जल्द ही प्रेमचन्द्र अग्रवाल के आवास का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया जायेगा ।

महानगर दिल्ली उत्तराखंड प्रवासी संगठन के अध्यक्ष कमल ध्यानी नें कहा कि जल्द ही दिल्ली में और ज्यादा उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी । उन्होंने कहा कि प्रेमचंद्र जैसे मंत्रियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा , यदि राज्य सरकार ने प्रेमचंद्र अग्रवाल को मंत्री पद से निष्कासित नहीं किया तो इसका दुष्परिणाम राज्य सरकार को भुगतना पड़ेगा ।

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