इंसान का इंसान से हो भाईचारा का पैगाम देती मानव उत्थान सेवा समिति

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सामाजिक समरसता सद्भावना का संदेश देती मानव उत्थान सेवा समिति
अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक संत सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज द्वारा वर्ष 1975 में स्थापित मानव उत्थान सेवा समिति देश की प्रमुख अग्रणीय धार्मिक एवं सामाजिक संस्था है जिसके पूरे देश में 3000 से ज्यादा आश्रम एवं शाखाएं हैं मानव उत्थान सेवा समिति धर्म एवं आध्यात्म के अलावा समाज सेवा स्वास्थ्य शिक्षा पर्यावरण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रही है विश्व बंधुत्व की भावना से ओत-प्रोत मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा एक राष्ट्र एक ध्वज एक आत्मा का नारा दिया गया है मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा प्रत्येक राष्ट्रीय पर्व को भी बेहद धूमधाम के साथ मनाया जाता है इसके अलावा श्री हंस जयंती महोत्सव गुरु पूजन महोत्सव बैसाखी होली के पर्व भी उल्लास पूर्वक मनाए जाते हैं मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा बड़े स्तर पर सद्भावना सम्मेलन का आयोजन जगह-जगह किया जाता है भारतवर्ष के बाहर भी अनेक देशों में मानव उत्थान सेवा समिति के द्वारा धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है मानव धर्म का जन-जन को संदेश देने तथा परम पिता परमात्मा के उस पावन नाम का बोध कराने के लिए जो नाम सांसों की माला में रमन करता है ऐसे अनेक संत महात्मा मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से मानव धर्म के प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं बात अगर कुमाऊँ मंडल की करें तो यहां नैनीताल रामनगर हल्द्वानी बिंदुखत्ता अल्मोड़ा दीनापानी बागेश्वर द्वाराहाट देघाट भिक्यासैंण रुद्रपुर सितारगंज काशीपुर बनबसा एवं पिथौरागढ़ में मानव उत्थान सेवा समिति के आश्रम है जहां आश्रम वासी सेवक एवं संत महात्मा मानव धर्म की अलख जगा रहे हैं और लोगों को आपसी भाईचारा सामाजिक समरसता एवं सद्भावना का महान संदेश दे रहे हैं