आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन
जनपद नैनीताल में मानसून आपदा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन।
जिलाधिकारी ने जिला आपदा परिचालन केन्द्र से नैनीताल फ्लैट मैदान, अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार बेतालघाट स्थित बधो मेें काली पहाडी,कालाढूंगी में स्थित निहाल नाले तथा लालकुऑ के बिन्दुखत्ता गौला नदी घटना स्थलों पर राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग की।
नैनीताल 02 जुलाई 2026 (सूवि)।
मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने तथा विभिन्न विभागों की आपदा प्रबंधन क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गुरुवार को जनपद नैनीताल में मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल के तहत जनपद के विभिन्न 5 स्थानों पर आपदा की काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इस दौरान पुलिस,एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान,सिंचाई तथा अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का सफल प्रदर्शन किया।
वीसी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी मानसून पूर्व तैयारियां हेतु की जा रही मॉकड्रिल के बारे में जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। वीसी के माध्यम से कुमाऊॅ आयुक्त/सचिव मा0 मुख्यमंत्री सचिव दीपक रावत द्वारा भी प्रतिभाग किया।
मॉक अभ्यास के दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला आपदा परिचालन केन्द्र नैनीताल पहुंचकर सभी पांचों घटना स्थलों पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रत्येक स्थल की अद्यतन जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने, सभी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को आपदा प्रबंधन से संबंधित संसाधनों, उपकरणों एवं मानव संसाधन को हर समय तैयार रखने तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता का परीक्षण करना, आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में शीघ्र एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।
हल्द्वानी तहसील अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार में आगामी मानसून सीजन के दृष्टिगत आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
उपजिलाधिकारी मोनिका आर्या ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री, सचिव आपदा प्रबंधन एवं जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जनपद में संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की समन्वित कार्यप्रणाली का परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान गौला नदी में तेज बहाव के बीच लगभग 20 से 25 लोगों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित राहत एवं बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करते हुए सभी फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के उपरांत घायलों को प्राथमिक उपचार प्रदान करते हुए एंबुलेंस के माध्यम से सुशीला तिवारी चिकित्सालय भेजा गया। मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय एवं आपदा से निपटने की तैयारियों का व्यावहारिक परीक्षण किया गया।
इसी दौरान उपजिलाधिकारी लालकुऑ रेखा कोहली द्वारा बिन्दुखत्ता गौला नदी घटना स्थलों पर राहत एवं बचाव कार्य किया गया। इसी प्रकार उपजिलाधिकारी कालाढूंगी द्वारा स्थित निहाल नाला में फंसे लोगो का रहात एवं बचाव कार्य किया तथा उपजिलाधिकारी कैचीधाम में बेतालघाट स्थित बधो मेें काली पहाडी में फंसे होने की सूचना पर राहत बचाव दल द्वारा सुरक्षित निकाला।
इसके उपरान्त डीब्रीफिंग सत्र में इंसिडेंट कमांडर, ऑब्जर्वर तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा किया। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने के लिए आवश्यक सुधारों, संसाधनों की उपलब्धता, विभागों के मध्य बेहतर समन्वय तथा नियमित प्रशिक्षण एवं अभ्यास की आवश्यकता पर अपने सुझाव एवं मंतव्य प्रस्तुत किए।