हल्दूचौड़ में संत महात्माओं ने बताई नाम की महिमा

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भारतीय वीर सैनिक स्कूल हल्दूचौड़ में आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को नाम की महिमा बताई गई बताया गया कि वह पावन नाम जो निरंतर सांसों की माला में रमण करता है और जिस नाम के प्रभाव से राम भक्त हनुमान ने प्रभु को अपने वश में कर लिया जिस नाम के प्रताप से ध्रुव, प्रहलाद को अविचल भक्ति प्राप्त हुई जिस नाम के प्रताप से रत्नाकर डाकू महर्षि वाल्मीकि बन गए वही नाम निरंतर हमारी सांसों में भी है बस उस नाम का बोध समय के सद्गुरु समय के महापुरुष के सानिध्य में रहकर किया जा सकता है प्रचारिका बाई जी ने कहा की सत्संग ज्ञान भक्ति वैराग्य की एक ऐसी त्रिवेणी है जिसके क्षण मात्र का संग मनुष्य को भवसागर से पार करने में सक्षम है उन्होंने कहा कि सत्संग रूपी आध्यात्मिक गंगा में जब कभी भी स्नान करने का मौका मिले तो ऐसे शुभ अवसर को गवाना नहीं चाहिए उन्होंने कहा कि एकाग्रता के साथ प्रसन्नचित होकर सत्संग का श्रवण करने से मनुष्य को अश्वमेध यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है महात्मा आलोकनंद जी ने भी सत्संग की महिमा का बखान करते हुए कहा कि जन्म जन्म के पुण्य पुंज संचित होने से व्यक्ति को इसका सानिध्य प्राप्त होता है साध्वी शीतल बहन तथा मुन्ना जी ने भी अपने सारगर्भित उद्बोधन के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया यहां मुख्य यजमान वसंत पांडे उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता पांडे ने संत महात्माओं का स्वागत सत्कार करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया यहां मुख्य रूप से राजेंद्र दुर्गापाल हरिश्चंद्र पलड़िया धर्मानंद भट्ट नारायण दत्त भट्ट उमेद सिंह रावत हरीश सनवाल गोविंद देवी आदि मौजूद रहे

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