भोजन माताओं ने विधायक को दिया ज्ञापन,

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प्रगतिशील भोजनमाता संगठन यूनियन के बैनर तले इकठ्ठा होकर भोजनमाताओ ने लालकुआं के विधायक डॉक्टर मोहन सिंह बिष्ट के आवास में ज्ञापन सौंपा। विधायक डॉ मोहन बिष्ट मोहन सिंह बिस्ट द्वारा समाधान का आश्वासन दिया गया

प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की बसंती ने कहा कि हम भोजनमाताएं 20-21 सालों से सरकारी, अर्ध सरकारी विद्यालयों में भोजन बनाने का काम कर रही हैं। परंतु, अत्यंत खेद की बात है कि इतने वर्ष कार्य करने के बाद भी हमारी स्थिति आज भी अत्यंत असुरक्षित, अस्थिर एवं उपेक्षित बनी हुई है। मुख्यमंत्री के सामने हम अपनी समस्याएं एवं मांग अलग-अलग वक्त पर रखते रहे हैं। मगर अफसोस है कि हमारी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है।

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प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की गीता कश्यप ने कहा कि हम 4-4 कर्मचारियों (माली, सफाई कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और भोजनमाता तो हम है ही) के बराबर काम कर रहीं हैं। इतने पर भी कभी बच्चे कम होने के नाम पर, तो कभी भोजनमाताओं के बच्चे स्कूल में नहीं पढ़ने के फर्जी तर्क पर, तो कभी स्कूलों के विलयीकरण के नाम पर हमें नौकरी से निकाला जा रहा है या नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। हमारा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की सरस्वती ने कहा कि भोजनमाताओं का वेतन पिछले 4 सालों से 3000 पर ही अटका हुआ है। यह राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के एक तिहाई से भी कम है। इस बीच राज्य सरकार ने 25 प्रतिशत न्यूनतम वेतन बढ़ाया हैं मगर भोजनमाताओं की स्थिति को सरकार ने कतई संज्ञान में नहीं लिया है। उत्तराखंड सरकार ने भोजन “माता” शब्द दिया और “माता” शब्द के “सम्मान” के नाम पर उत्तराखंड सरकार भोजनमाताओं का शोषण उत्पीड़न कर रही है। ऐसा फर्जी सम्मान नहीं चाहिए। एक इंसान के बतौर भोजनमाताओं को उत्तराखंड में कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए।

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भोजनमाता नंदी ने कहा कि अभी हाल ही में उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की है। एक तरफ सरकार कहती है कि ‘एक देश, एक राज्य में दो कानून नहीं चलेंगे’ मगर वहीं दूसरी ओर सरकार न्यूनतम वेतनमान में इतना भारी फर्क कर रही है। इतनी भयावह बढ़ती महंगाई के बीच हमारा अस्तित्व खतरे में है।

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प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की महामंत्री रजनी ने कहा कि हम भोजनमाताएं लंबे समय से अपने न्यूनतम वेतन और स्थाई नौकरी के लिए संघर्ष कर रही हैं।

कार्यक्रम में प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की कविता, गंगा, रोशनी,तारा देवी,हेमा पाठक,दीपा पवार, धर्मा देवी मुन्नी देवी तुलसी हंसी देवी, जानकी देवी आदि शामिल रहे। और प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से पुष्पा बिंदु गुप्ता,काजल, पिंकी, आशाआदि लोग शामिल रहे

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