21 अक्टूबर को होगा दीपावली महापर्व
विद्वान आचार्य प्रकाश बहुगुणा ने समस्त क्षेत्र वासियों से प्रदेशवासियों से अपील कर कहा है कि दीपावली का पर्व 21 अक्टूबर को ही मनाएं उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने वोकल फार लोकल का नारा दिया है अर्थात स्थानीय को वरीयता दी जानी चाहिए उन्होंने कहा कि देवभूमि के अधिकांश विद्वान आचार्य 21 अक्टूबर को ही दीपावली मनाए जाने का उचित तर्क दे रहे हैं और अनेक पंचांगकार तथा पंचांगों में भी 21 अक्टूबर को ही दीपावली का पर्व मनाया जाना निर्देशित है है क्योंकि 21 अक्टूबर को ही उदय व्यापनी में अमावस्या तिथि पड़ रही है और उदय व्यापनी को ही सनातन में सर्वोच्च मानक के रूप में रखा गया है उन्होंने कहा कि गंगा गोमुख से गंगासागर की ओर बहती है अब कुछ लोग गलत तर्क देकर गंगा को गंगासागर से गोमुख की ओर प्रवाहित करने की चेष्टा कर रहे हैं जो गलत है इधर पर्वतीय अंचल से जुड़े अधिकांश लोगों ने भी 21 अक्टूबर को ही दीपावली मनाए जाने का निर्णय लिया है बीते दिनों पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के संरक्षक हुकम सिंह कुंवर तथा अध्यक्ष खड़क सिंह बगडवाल ने भी 21 अक्टूबर को ही दीपावली मनाए जाने की अपील की थी
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने किया ग्रामीणों संग गौला के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण
आखिर क्यों कहते हैं इस स्थान को पहाड़पानी पढ़ें रोचक जानकारी
अंतरराष्ट्रीय योग प्रशिक्षक जीवन चंद्र उप्रेती ने बिंदुखत्ता के बी डी जोशी मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दिया योग का प्रशिक्षण
रविवार को कालाढूंगी में जुटेंगे उक्रांद के दिग्गज नेता, विस चुनाव की भरेंगे हुंकार