प्रतिक्रिया: महिला आरक्षण बिल का पास नहीं होना आधी आबादी के साथ अन्याय:दीपा कांडपाल

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महिला आरक्षण बिल का सदन में पास नहीं होना आधी आबादी के साथ घोर अन्याय है यह कहना है ग्राम प्रधान संगठन की जनपद उधम सिंह नगर की पूर्व ब्लाक अध्यक्ष श्रीमती दीपा कांडपाल का उन्होंने अपनी प्रक्रिया देते हुए कहा कि महिला आरक्षण संशोधन बिल का सदन में अटकना देश की आधी आबादी के सम्मान के साथ अन्याय है। माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति ने इस महत्वपूर्ण कदम को बाधित कर दिया।
आज “400 पार” के संकल्प की आवश्यकता देश की महिलाओं को स्पष्ट रूप से महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि आज पक्ष में 352 मत पड़ जाते, तो यह बिल निश्चित रूप से पारित होकर महिलाओं के सम्मान में एक मील का पत्थर साबित होता।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के कारण महिलाओं के अधिकारों को भी नजरअंदाज करने से नहीं चूकते।
क्या महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देना भी अब राजनीति का शिकार होगा कुछ अतिरिक्त सीटों के माध्यम से महिलाओं को उनका अधिकार देना लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाता।
देश जानना चाहती है—आखिर विपक्ष किस मानसिकता के तहत इस ऐतिहासिक अवसर का विरोध कर रहा है आज की जागरूक महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं, और उन्हें अब और अधिक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
दीपा काण्डपाल
पूर्व ग्राम प्रधान, जवाहर नगर
अध्यक्ष, प्रधान संघ रुद्रपुर