आज है संकष्ट चतुर्थी, जानिए क्या है इसका महत्व

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विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए
आज 06 जनवरी 2026 मंगलवार को तिल कूट संकष्ट चतुर्थी व्रत है। चन्द्रोदय रात्रि 09 बजकर 07 मिनट पर होगा।
शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूर्णिमा के बाद की तिथि) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा के दर्शन कर गणपति भगवान के निमित्त रखे अर्घ्य को चन्द्रमा को दें और इस मंत्र को बोलें :
ॐ गं गणपते नमः ।
ॐ सोमाय नमः ।

 *मंगलवार चतुर्थी* 

भारतीय समय के अनुसार आज 06 जनवरी 2026 को सुबह 08:01 से 07 जनवरी सुबह 06:52 तक चतुर्थी है, इस महा योग पर अगर मंगल ग्रह देव के 21 नामों से सुमिरन करें और धरती पर अर्घ्य देकर प्रार्थना करें,शुभ संकल्प करें तो आप सकल ऋण से मुक्त हो सकते हैं।
मंगल देव के 21 नाम इस प्रकार हैं :-
(1) ॐ मंगलाय नमः
(2) ॐ भूमि पुत्राय नमः
(3 ) ॐ ऋण हर्त्रे नमः
(4) ॐ धन प्रदाय नमः
(5 ) ॐ स्थिर आसनाय नमः
(6) ॐ महा कायाय नमः
(7) ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः
(8) ॐ लोहिताय नमः
(9) ॐ लोहिताक्षाय नमः
(10) ॐ साम गानाम कृपा करे नमः
(11) ॐ धरात्मजाय नमः
(12) ॐ भुजाय नमः
(13) ॐ भौमाय नमः
(14) ॐ भुमिजाय नमः
(15) ॐ भूमि नन्दनाय नमः
(16) ॐ अंगारकाय नमः
(17) ॐ यमाय नमः
(18) ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः
(19) ॐ वृष्टि कर्ते नमः
(20) ॐ वृष्टि हराते नमः
(21) ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः
इन उपरोक्त 21 यन्त्रों से भगवान मंगल देव को नमन करें फिर धरती पर अर्घ्य देना चाहिए अर्घ्य देते समय ये मन्त्र बोले-
भूमि पुत्रो महा तेजा,कुमारो रक्त वस्त्रका।
ग्रहणअर्घ्यं मया दत्तम,ऋणम शांतिं प्रयाक्ष्मे।।
हे भूमि पुत्र!महा तेजस्वी, रक्त वस्त्र धारण करने वाले देव मेरा अर्घ्य स्वीकार करो और मुझे ऋण से शांति प्राप्त कराओ।
06 जनवरी 2026 दिन मंगलवार संकष्ट हरण गणेश चतुर्थी व्रत।
23 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार वसंत पंचमी।
पंचक
20 जनवरी 2026 दिन मंगलवार मध्य रात्रि 01:25 बजे से 25 जनवरी 2026 दिन रविवार दोपहर 01:36 बजे तक।
एकादशी
14 जनवरी 2026 दिन बुधवार षट्तिला एकादशी वृत सर्वे।
29 जनवरी 2026 दिन गुरुवार जया एकादशी वृत सर्वे।
प्रदोष व्रत
16 जनवरी 2026 दिन गुरुवार प्रदोष व्रत मासिक शिवरात्रि।
30 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार प्रदोष व्रत ।
पूर्णिमा
01 फरवरी 2026 दिन रविवार स्नान दान वृत माघ पूर्णिमा।
अमावस्या
18 जनवरी 2026 दिन रविवार स्नान दान श्राद्ध मौनी माघी अमावस्या।

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