धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक राखी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख मय जीवन की प्रार्थना की इसके अलावा विद्वान पुरोहितों द्वारा भी सुबह पूजा अर्चना करने के बाद यज्ञोपवीत धारण करवाया गया तथा सनातन संस्कृति के सम्मान एवं गौरव की रक्षा करने का संकल्प दिलाया गया भाई बहन के प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन पूरे उल्लास के साथ मनाया गया उत्तराखंड सरकार द्वारा आज और कल यानी 29 अगस्त तक उत्तराखंड रोडवेज की बसों में महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है विद्वान पुरोहितों द्वारा यजमानों से यज्ञोपवीत एवं कलावा धारण करते हुए उनसे सनातन संस्कृति के गौरव एवं सम्मान की रक्षा का संकल्प दिलवाया गया देवालयों में सुबह से ही भक्ति के स्वर गुंजायमान रहे इस अवसर पर राखी के धार्मिक एवं पौराणिक महत्व पर भी विद्वान जनों द्वारा अवगत कराया गया मानव उत्थान सेवा समिति के राष्ट्रीय संगठन सचिव युवा संत महात्मा सत्यबोधानंद जी ने कहा कि राखी का पर्व अनेक पौराणिक कथाओं से जुड़ा है जिसमें माता लक्ष्मी और राजा बलि की कथा सबसे ज्यादा प्रचलित कथाओं में एक है इसके अलावा इंद्र का सचि द्वारा देवासुर संग्राम में विजय प्राप्त करने के लिए रक्षा कवच बंधवाना भी काफी प्रचलित है जबकि भगवान श्री कृष्ण का द्रौपदी से रक्षा बंधवाना भी पौराणिक पर्व की महत्ता पर विशेष प्रकाश डालता है
पुण्यतिथि पर कांग्रेस सेवादल संस्थापक का भावपूर्ण स्मरण
बिंदुखत्ता राजस्व गांव अधिसूचना जारी करने को लेकर रफ्तार पकड़ता आंदोलन
बिंदुखत्ता राजस्व गांव आंदोलन को बल प्रदान करते पूर्व अपर सचिव जीवन उप्रेती